शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की पहल, तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर—डॉ. गोयल

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मंशा के अनुरूप विज्ञान संकाय की शिक्षा को समृद्ध किया जा रहा है। इसमें विभाग द्वारा विज्ञान विषय के शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथमेटिक्स जैसे विषयों में शिक्षकों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न पहलें की गई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधारभूत सिद्धान्त के अनुसार विभाग द्वारा सभी हाई और हायर सेंकडरी विद्यालयों में समुचित अधोसंरचना विकास के साथ प्रयोगशालाओं तथा अन्य शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवश्यकता है शिक्षक साथी इन संसाधनों का कक्षा शिक्षण में यथोचित उपयोग सुनिश्चित करें, जिससे विद्यार्थी रूचिपूर्वक अध्ययन कर सकें। यह बात स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने शिक्षकों के प्रशिक्षण सत्र में कही।

मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) भोपाल के सहयोग से विगत 28 मार्च से भौतिकी, रसायन एवं गणित (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) विषयों के शिक्षकों को प्रयोगशालाओं के बेहतर उपयोग एवं प्रायोगिक शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने एक अप्रैल को राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल पहुंचकर अवलोकन किया। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों से संवाद किया।

 17,000 शिक्षक होंगे प्रशिक्षित

यह पहला अवसर है जब प्रदेश में विज्ञान शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में इस प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में कक्षा 9 से 12 तक के विज्ञान विषय से संबंधित सभी संकायों (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) के शिक्षकों को विज्ञान प्रयोगशालाओं के व्यापक एवं सार्थक उपयोग का प्रशिक्षण विशेषज्ञों द्वारा दिया किया जा रहा है। प्रदेश के लगभग 17,000 शिक्षक, प्रयोगशालाओं के बेहतर उपयोग का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण का प्रथम चरण 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें कुल 416 मास्टर ट्रेनर तैयार किये जायेंगे। यह मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने-अपने जिलों में प्रशिक्षण देंगे।

सभी कक्षाओं के लिए तैयार किए गए हैं अलग-अलग मॉड्यूल

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा विज्ञान प्रयोगशाला प्रशिक्षण के लिए सभी कक्षाओं के लिए अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। इन मॉड्यूल्स में समग्र एवं संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए सामग्री-आधारित प्रयोगों को शामिल किया गया है, जो विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं की गहन समझ प्रदान करते हैं। प्रत्येक प्रयोग में जीवनोपयोगिता, सिद्धांत, अधिगम उद्देश्य, कार्य विधि, प्रेक्षण, परिणाम, सावधानियां एवं प्रश्नोत्तर को व्यवस्थित रूप से सम्मिलित किया गया है।

एनटीटीटीआर के सहयोग से संचालित यह पहल भारत सरकार के "Skill India" और "Developed India@2047" के विज़न के अनुरूप है, जो हमारे शिक्षकों को उनकी दक्षता संवर्धन में सहयोग करने के साथ ही कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर आयुक्त लोक शिक्षण  शिल्पा गुप्ता, अपर परियोजना संचालक  नंदा भलावी कुशरे, एनटीटीटीआर के निदेशक प्रो. चंद्र चारू त्रिपाठी एवं अन्य अधिकारी और प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित थे।

 

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