वित्त विभाग की दोटूक,बैंक बैलेंस और एफडी का डेटा छिपाया तो होगी कड़ी कार्रवाई

राज्य

चंडीगढ़
आईडीएफसी फर्स्ट व कोटक महेंद्रा बैंक में सरकारी राशि के गबन के केस सामने आने के बाद हरियाणा सरकार सतर्क हो गई है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को उनके बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से संबंधित जानकारी तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने पत्र जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित प्रारूप में जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी विभाग, निगम व बोर्ड अपनी जानकारी पहले संबंधित विभाग को भेजेंगे, वहीं से इसका संकलन कर आगे भेजा जाएगा। नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

हरियाणा सरकार के कई विभागों का पैसा निजी बैंकों में पड़ा था जिसे बैंक कर्मियों ने मिलीभगत कर रियल एस्टेट व ज्वेलरी में निवेश कर दिया। इससे सबक लेते हुए अब हरियाणा सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। हालांकि वित्त विभाग ने साल 2025 में भी निर्देश दिए थे। इन निर्देशों में सभी विभागों को अपने बैंक खातों और एफडी का आंतरिक ऑडिट कर 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। इसके बावजूद कई विभागों से अधूरी जानकारी मिली या निर्धारित फॉर्मेट में डेटा प्रस्तुत नहीं किया गया। कुछ मामलों में फील्ड कार्यालयों ने सीधे वित्त विभाग को जानकारी भेज दी जबकि विभागीय स्तर पर इसके संकलन कर भेजा जाना था। वित्त विभाग ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया निर्धारित नियमों के खिलाफ है और इससे डेटा की सटीकता भी प्रभावित होती है।

तय फार्मेट में पांच तक भेजनी है जानकारी
सभी विभागों को 20 मार्च 2026 तक की जानकारी 5 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त विभाग ने इसके लिए सभी विभागों को एक प्रारूप भेजा है। जारी प्रारूप में बैंक खाता संख्या, खाता खोलने की तिथि, बैंक और शाखा का नाम, बैलेंस, खाते का प्रकार व वित्त विभाग की अनुमति से खाता खोला गया या नहीं जैसी जानकारियां मांगी गई हैं। एफडी के लिए जमा राशि, ब्याज दर, परिपक्वता तिथि और अन्य विवरण देने होंगे।

 

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