वित्त विभाग का बड़ा आदेश: एमपी में एक सप्ताह में कर्मचारियों को मिलेगी ग्रेच्युटी

भोपाल
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों- कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर उनकी ग्रेच्युटी भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन पेंशन सॉफ़्टवेयर के माध्यम से होगी। उन्हें ग्रेच्युटी पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। पहले सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवक को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना होगी। सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह के अंदर उन्हें भुगतान हो जाएगा। वित्त विभाग ने पूरी प्रक्रिया तय कर विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसकी शुरुआत सेवानिवृत्ति के 3 माह पहले तक वर्ष में कभी भी की जा सकेगी। सरकारी सेवक की सेवा में रहते मृत्यु होने पर 7 दिन में प्रक्रिया पूरी होगी।
अधिकांश कर्मचारी, अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद अपने देयकों के लिए भटकते रहते हैं। कई बार तो सालों तक राशि का भुगतान नहीं किया जाता है। यहां तक कि पेंशन में भी कई दिक्कतें आती हैं। ग्रेच्युटी भुगतान में तो कर्मचारी, अधिकारी को खासी परेशानी आती है। इनमें रिश्वतखोरी की शिकायतें भी आम हैं। पेंशन, ग्रेच्युटी के समय पर भुगतान को पूर्व सरकारी सेवक का अधिकार मानते हुए कोर्ट भी सख्त आदेश जारी कर चुके हैं पर अमल में लापरवाही की जा रही है।
ग्रेच्युटी भुगतान पर सरकार अब सक्रिय हुई है। सेवानिवृत्त होने वाला शासकीय सेवक ग्रेच्युटी प्रकरण की तैयारी के लिए सभी प्रविष्टियों की जांच पेंशन सॉफ़्टवेयर से सत्यापित होगी।
अनुमोदन के बाद एक दिन में होंगे ई-साइन
प्रस्तावक अधिकारी के अनुमोदन के बाद उच्चाधिकारी के पास आवेदन ऑनलाइन जाएगा। अनुमोदित ग्रेच्युटी प्रकरण के अदायगी आदेश पर एक दिन के अंदर ई-हस्ताक्षर कर आदेश जारी करना अनिवार्य है।
सेवा में रहते मृत्यु होने पर नोमिनी द्वारा उसके मृत्यु प्रमाणपत्र सहित आवेदन करने के 7 दिन में प्रक्रिया होगी
अदायगी आदेश की सूचना भी ऑनलाइन दी जाएगी। शासकीय सेवक की सेवा में रहते मृत्यु होने पर नोमिनी द्वारा उसके मृत्यु प्रमाणपत्र सहित आवेदन करने के 7 दिन में प्रक्रिया होगी।
पेंशनर्स से पहले राज्य सरकार श्रमिकों को सौगात दे चुकी
पेंशनर्स से पहले राज्य सरकार श्रमिकों को सौगात दे चुकी है। प्रदेश के श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के श्रमिकों के लिए नई न्यूनतम वेतन दरें लागू कर दी हैं। राज्य के निजी व उद्योगों के करीब 40 लाख श्रमिकों को वेतन बढ़ोत्तरी का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सरकारी विभागों के करीब 10 लाख श्रमिक भी इससे लाभान्वित होंगे। श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश से न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) के कारण श्रमिकों के प्रतिदिन के वेतन में औसतन ₹9 की बढ़ोत्तरी होगी। इस प्रकार मासिक वेतन में करीब ₹234 की वृद्धि होगी।



