जयपुर
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को शासन सचिवालय में राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का अचानक दौरा कर सबको चौंका दिया। वह न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे, बल्कि खुद हेल्पलाइन पर आए नागरिकों से सीधी बातचीत भी की और उनकी परेशानियां सुनीं। जब कॉल करने वालों को एहसास हुआ कि दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री हैं, तो कई लोगों को आश्चर्य हुआ और उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
सीएम के निर्देश पर तुरंत हुआ काम
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर शिकायत का निपटारा संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान दो मामले सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। पहला मामला चूरू के एक नागरिक का था, जिन्हें 10 साल पुरानी मतदाता सूची उपलब्ध न होने के कारण मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने तत्काल ई-मित्र के जरिए आवेदन को फिर से प्रक्रिया में लिया और तहसील कार्यालय ने प्रमाण पत्र जारी कर दिया। दूसरा मामला जयपुर की एक महिला का था, जिन्होंने एलपीजी सिलेंडर की देरी से डिलीवरी की शिकायत की थी।
सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्तित
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने तुरंत सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की, जिस पर महिला ने संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन के विभिन्न अनुभागों का बारीकी से अवलोकन किया और शिकायत निपटाने की प्रक्रिया, नागरिक संतुष्टि दर तथा अधिकारियों के निरीक्षण से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर तैनात कर्मियों की प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार की जाए और नियमित रूप से उसकी निगरानी की जाए।
समय पर दें शिकायतों का समाधान
सीएम भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मकसद महज शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध और संतोषजनक समाधान देना है। उन्होंने हर विभाग को निर्देश दिए कि शिकायत निपटाने की गुणवत्ता में सुधार लाया जाए और नागरिकों की संतुष्टि दर लगातार बढ़ाई जाए।
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