भोपाल
रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वित्तीय वर्ष अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्ति की रक्षा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर अपनी प्रभावी कार्यशैली का परिचय दिया है।
चौबीसों घंटे मुस्तैद रहकर आरपीएफ ने जहां अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण किया, वहीं विशेष अभियानों के माध्यम से बिछड़े बच्चों को परिवार से मिलाया, खोया सामान लौटाया और जरूरतमंद यात्रियों को त्वरित सहायता प्रदान की। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई कर रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया है।
33 लोगों की बचाई जान
आपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत 720 बिछड़े, घर से भागे या अपहृत बच्चों को सुरक्षित परिजनों या चाइल्ड लाइन को सौंपा गया। वहीं आपरेशन अमानत में 973 यात्रियों को करीब 2.88 करोड़ रुपए मूल्य का खोया सामान वापस दिलाया गया। आपरेशन जीवन रक्षा के जरिए 33 लोगों की जान बचाई गई।
महिलाओं को दी जा रही सुरक्षा
महिला सुरक्षा के लिए आपरेशन मेरी सहेली के तहत प्रतिदिन औसतन 110 ट्रेनों में महिला यात्रियों को सहायता दी गई। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेल अधिनियम के तहत 53,566 मामलों में कार्रवाई कर 3.81 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
अनाधिकृत वेंडरों पर सख्ती
इसके अलावा अवैध ई-टिकट कारोबार पर कार्रवाई करते हुए 64 लोगों को गिरफ्तार कर 52 लाख रुपए से अधिक के टिकट जब्त किए गए। अनाधिकृत वेंडरों पर सख्ती दिखाते हुए 18,166 लोगों पर कार्रवाई की गई। रेल संपत्ति चोरी के 328 मामलों में 635 आरोपियों को गिरफ्तार कर संपत्ति बरामद की गई। वहीं नशे के खिलाफ आपरेशन नारकोस के तहत 27 मामलों में 43 तस्करों को पकड़कर 27 करोड़ रुपए से अधिक के मादक पदार्थ जब्त किए गए। साथ ही साइबर सेल के माध्यम से 180 मोबाइल ब्लाक कर 39 फोन यात्रियों को लौटाए गए।
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