भोपाल.
अब तक सेवाकाल के दौरान किसी शासकीय सेवक की असामयिक मृत्यु होने पर उनके परिजनों को मिलने वाली 'अनुग्रह राशि' (Ex-gratia) की अधिकतम सीमा मात्र 50 हजार रुपये थी। बढ़ती महंगाई और आधुनिक दौर की जरूरतों के सामने यह राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी। लेकिन अब, मध्यप्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए इस सीमा को ढाई गुना बढ़ाकर 1 लाख 25 हजार रुपये कर दिया है।
वित्त विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, अब मृतक कर्मचारी के परिवार को उनके छह माह के वेतन के बराबर राशि दी जाएगी। इसमें 'वेतन पुनरीक्षण नियम 2017' के मानकों को आधार बनाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब अनुग्रह राशि केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ठोस आर्थिक सहायता होगी।
आदेश 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी
यह नया प्रावधान 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होने जा रहा है। यानी इस तारीख या इसके बाद आने वाले सभी दुखद प्रकरणों में पीड़ित परिवारों को सवा लाख रुपये तक की मदद तत्काल मिल सकेगी। यह कदम उन छोटे कर्मचारियों (जैसे चतुर्थ श्रेणी) के लिए जीवनदान जैसा है, जिनके पास बचत के नाम पर बहुत कम संसाधन होते हैं। सवा लाख रुपये की यह राशि शायद किसी की कमी को पूरा न कर सके, लेकिन अंतिम संस्कार, तात्कालिक बिलों और बच्चों की शिक्षा जैसे शुरुआती झटकों को सहने में यह एक मजबूत लाठी का काम जरूर करेगी।
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