अनूपपुर.
अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 5:36 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित एक लॉज की पुरानी इमारत अचानक जमींदोज हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, बगल में नए निर्माण के लिए खुदाई चल रही थी, तभी दीवार भरभराकर गिर पड़ी। पास की दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए नजर आ रहे हैं। इमारत गिरते ही चारों ओर धूल का गुबार छा गया।
रेस्क्यू में जुटा रहा बेटा, मलबे में दबे थे पिता
हादसे में मरने वालों में हरिदीन यादव (50 वर्ष) और रामकृपाल यादव (55 वर्ष) शामिल हैं। हृदयविदारक बात यह है कि नगर पालिका का जेसीबी चालक हरपाल यादव घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम कर रहा था। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे अस्पताल से फोन आया कि जिस मलबे को वह हटा रहा है, उसी के नीचे दबने से उसके पिता हरिदीन और मामा की जान चली गई है। मृतक हरिदीन वहां टाइल्स लगाने का काम कर रहे थे।
बिना अनुमति चल रहा था निर्माण कार्य
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामनरेश गर्ग द्वारा किए जा रहे नए निर्माण कार्य के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। लॉज के चौथे फ्लोर पर भी पाइप फिटिंग और टाइल्स का काम चल रहा था, जिसके कारण वहां कोई यात्री नहीं रुका था, अन्यथा हताहतों की संख्या और बढ़ सकती थी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजा
हादसे की खबर मिलते ही प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कमिश्नर सुरभि गुप्ता और कलेक्टर हर्षल पंचोली पूरी रात मौके पर डटे रहे। भिलाई और बनारस से आई एनडीआरएफ की टीमें स्निफर डॉग्स की मदद से मलबे में अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। कलेक्टर ने बताया कि पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी, वहीं प्रभारी मंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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