विज्ञान और तकनीकी नवाचार, झारखंड में पलामू जिले ने बनाया सफलता का नया रिकॉर्ड

Spread the love

 पलामू

झारखंड के पलामू जिले ने एक बार फिर शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 में झारखंड में लगातार छठवीं बार पहला स्थान हासिल किया है. इस उपलब्धि ने न सिर्फ जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि राज्य स्तर पर भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जिले के छात्रों की इस सफलता ने शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल बना दिया है.

148 प्रतिभागियों का चयन, राज्य में सबसे अधिक भागीदारी
इस सत्र में पलामू जिले से कुल 148 प्रतिभागियों का चयन किया गया है. पूरे झारखंड से चयनित 1160 प्रतिभागियों में से 12.76 प्रतिशत छात्र-छात्राएं केवल पलामू जिले से हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि जिले के छात्र विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं.

शिक्षकों और छात्रों की मेहनत का परिणाम
जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरव प्रकाश ने इस सफलता का श्रेय छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण को दिया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के निरंतर प्रयासों का नतीजा है. साथ ही उन्होंने सहायक जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व की भी सराहना की, जिनकी भूमिका इस सफलता में अहम रही है.

मध्य विद्यालय से ही दिख रहा बेहतर प्रदर्शन
जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि पलामू के छात्र केवल उच्च विद्यालय स्तर पर ही नहीं, बल्कि मध्य विद्यालय स्तर से ही बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह दर्शाता है कि जिले में प्रारंभिक स्तर से ही बच्चों को विज्ञान और नवाचार के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास और क्षमता दोनों बढ़ रहे हैं.

इंस्पायर मानक योजना क्या है?
सहायक जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इंस्पायर अवार्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत संचालित होती है. इसे नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा लागू किया जाता है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर तकनीकी नवाचार और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत छात्र-छात्राएं अपने विचारों और प्रोजेक्ट्स को विद्यालय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक प्रस्तुत करते हैं.

चयनित छात्रों को मिलती है आर्थिक सहायता
इस योजना के अंतर्गत वर्ग 6 से 12 तक के चयनित प्रतिभागियों को जिला स्तर पर प्रोटोटाइप निर्माण के लिए 10,000 रुपये की राशि दी जाती है. इसके अलावा आगे की तैयारी के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है. इसका उद्देश्य छात्रों को अपने नवाचार को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है.

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मौका
इंस्पायर अवार्ड के तहत चयनित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलता है. अंतिम रूप से चयनित प्रतिभागियों को जापान तक जाने का मौका भी मिलता है, जहां वे अपने नवाचार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर सकते हैं. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होता है.

नवाचार के क्षेत्र में पलामू बना रोल मॉडल
लगातार छठवीं बार प्रथम स्थान हासिल कर पलामू जिले ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं. यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है और झारखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है.

Related Articles

Back to top button