पटना के पास विकसित होगा शेयर्ड कैंपस मॉडल, हाईटेक लैब और स्मार्ट सुविधाओं से लैस होगी एजुकेशन सिटी

राज्य

पटना

बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के करीब साढ़े तीन महीने बाद अब राज्य सरकार प्रस्तावित ‘एजुकेशन सिटी’ को लेकर पूरी तरह एक्टिव हो गई है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और इसे वैश्विक स्तर के मॉडल पर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है.

जापान-सिंगापुर के मॉडल पर होगा निर्माण
सरकार इस एजुकेशन सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए जापान और सिंगापुर जैसे देशों के मॉडल का अध्ययन कर रही है. साथ ही विदेशी कंसल्टेंट्स की मदद से डीपीआर को और बेहतर बनाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, अगले दो महीने में इसका फाइनल इंटरनेशनल मॉडल सामने आ सकता है.

250 एकड़ में बनेगा आधुनिक एजुकेशन हब
यह एजुकेशन सिटी पटना के आसपास लगभग 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी. इसे ‘शेयर्ड कैंपस मॉडल’ पर बनाया जाएगा, जहां अलग-अलग विश्वविद्यालय और कॉलेज अपनी पहचान के साथ एक ही परिसर में मौजूद रहेंगे और कई सुविधाएं शेयर करेंगे.

वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगा कैंपस
इस एजुकेशन सिटी में छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी है. इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, हाईटेक लैब, रिसर्च सेंटर, सेमिनार हॉल, हॉस्टल, गेस्ट हाउस, स्पोर्ट्स स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. साथ ही फैकल्टी और स्टाफ के लिए आवासीय परिसर भी बनाए जाएंगे.

547 करोड़ से अधिक का बजट, रोजगार के नए अवसर
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए 547 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, हालांकि आगे यह राशि बढ़ भी सकती है. सरकार का मानना है कि यह एजुकेशन हब न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा करेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा.

शेयर्ड कैंपस मॉडल से मिलेगा बड़ा फायदा
शेयर्ड कैंपस मॉडल के तहत एक ही परिसर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों का समय बचेगा. साथ ही एक मजबूत रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार होगा. इंडस्ट्री कनेक्शन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न कोर्स की उपलब्धता से यह परिसर शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है.

बिहार बनेगा शिक्षा का मजबूत केंद्र
सरकार की योजना है कि इस एजुकेशन सिटी के जरिए बिहार को देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल किया जाए. यहां देशभर के छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी और राज्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा.

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