नई रेल लाइन की शुरुआत, 800 मीटर टनल ट्रैक तैयार, जुलाई से कई गांवों को मिलेगी कनेक्टिविटी

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर 

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत बहुप्रतीक्षित टीही टनल का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और धार विधायक नीना वर्मा ने निर्माणाधीन टनल में करीब 70 फीट नीचे उतरकर कार्यों का जायजा लिया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने सुरंग के भीतर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है, जिसे तय समयसीमा में पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने दावा किया है कि आगामी जून-जुलाई तक टनल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर से धार के बीच सीधा रेल संचालन शुरू होने की संभावना है। हाल ही में पीथमपुर से धार के बीच टॉवर वैगन इंजन के माध्यम से सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।

टनल में युद्धस्तर पर चल रहा काम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार करीब 3 किमी लंबी टीही टनल में तेजी से कार्य जारी है। अब तक लगभग 800 मीटर हिस्से में ट्रैक और पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है। फिनिशिंग और अन्य तकनीकी कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती
केंद्र सरकार की पहल पर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टीही टनल और इंदौर-दाहोद रेल परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो आने वाले समय में पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।

कनेक्टिविटी से विकास को रफ्तार
राज्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि इंदौर-धार रेल लाइन शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और व्यापार-उद्योग को नई गति मिलेगी। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी खोलेगी।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं
लंबाई और मार्ग: कुल लंबाई 204.76 किमी (183 किमी मप्र में, 22 किमी गुजरात में)।
मार्ग: इंदौर-टीही-पीथमपुर-सागौर- गुणावद-धार-दाहोद।
वर्तमान स्थिति : इंदौर-टीही (21 किमी) तक काम पूरा हो चुका है। टीही-धार के बीच 2.9 किमी लंबी सुरंग का काम पूरा हो चुका है, ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया में है। रेलवे स्टेशन (धार) निर्माण अंतिम चरण में है।
तकनीकी प्रगति: सागौर-धार खंड में ट्रैक बिछाने के लिए मशीन का उपयोग किया जा रहा है।
फायदे: इस लाइन के शुरू होने से इंदौर और मुंबई के बीच की दूरी लगभग 55 किमी. कम हो जाएगी।

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