रोजगार के लिए पलायन पर लगेगी रोक, बिहार में फूड प्रोसेसिंग और आईटी सेक्टर में भारी निवेश का मेगा प्लान

राज्य

पटना

बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई फैसले ले रही है. इसके साथ ही इंवेस्टर्स के लिए कई योजनाएं भी ला रही है. इसी का असर अब बिहार में कहीं ना कहीं दिखना शुरू होने वाला है. आने वाले दिनों में बिहार में नई-नई फैक्ट्रियां लगाई जा सकतीं हैं. इसके लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपए इंवेस्ट करने की प्लानिंग की गई है.

इन 5 जिलों के लिए मेगा प्लान तैयार
जानकारी के मुताबिक, बिहार के 5 जिलों पटना (बिहटा), गया, पूर्णिया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में 15 नई फैक्ट्रियां लगाई जायेंगी. इन फैक्ट्रियों को लगाने के लिए करीब 64 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा. खास बात यह है कि बियाडा की तरफ से जमीन आवंटित भी कर दिया गया है, जिससे अगले कुछ सालों में इन जिलों की तस्वीर ही बदल जाने की संभावना जताई जा रही है.

कौन-कौन सी लगाई जाएगी फैक्ट्री?
बताया जा रहा है कि पांच जिलों में फूड प्रोसेसिंग, रबर, कपड़े, प्लास्टिक, आईटी सेक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी समेत कई इंडस्ट्रियल यूनिट लगाए जा सकते हैं. जिन कंपनियों की ओर से बिहार में इंवेस्ट किया जाएगा, उनमें एचआर फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, निरानी शुगर्स लिमिटेड और संजीवनी मीडिया एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड है.

इतने फैक्ट्रियों को लगाने का प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, बिहार में एक साल में लगभग 747 फैक्ट्रियां लगने का प्रस्ताव मिला है. इनमें से 317 फैक्ट्रियों के लिए 404 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. बिहार में फैक्ट्रियों के लगने से राज्य सरकार का लक्ष्य पूरा हो सकेगा. बिहार सरकार ने राज्य में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया था.

बिहार में मिल सकेगा रोजगार
ऐसे में बिहार में फैक्ट्रियों के लगने से लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकता है. इसके साथ ही बिहार से पलायन पर भी कहीं ना कहीं रोक लग सकेगी. उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने जानकारी दी कि राज्य में टेक्सटाइल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई अन्य कंपनियां लगाई जा रही है. बिहार एक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में डेवलप हो रहा है.

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