20 अप्रैल से शुरू होगा मुकद्दस हज का सफर, जानें स्मार्ट वॉच से लेकर ‘हज सुविधा ऐप’ तक की पूरी जानकारी

Spread the love

रांची
 
मुकद्दस हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों के लिए इस बार सफर की राह काफी अलग और हाइटेक नजर आएगी. 20-21 अप्रैल से विधिवत शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मदरसा फैजुल उलूम से हज यात्रा पर जाने वाले आजमीन ए हज की उड़ान 20-21 को होगी. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, विशेषकर ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव को देखते हुए भारत सरकार ने “हज यात्रा 2026” को पूरी तरह डिजिटल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का निर्णय लिया है. इस बार पूरी व्यवस्था को सेंट्रलाइज्ड कर दिया गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पल-पल की नजर रखी जा सके. हज कमेटी ने सभी को निर्देश दिया है कि वे अपने स्मार्ट बैंड को हमेशा चार्ज रखें और यात्रा के दौरान इसे अनिवार्य रूप से पहनें.

एआइ बैंड: यात्रियों के लिए बनेगा सुरक्षा कवच
इस बार हज यात्रियों को पारंपरिक सुविधाओं के साथ-साथ अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से लैस “स्मार्ट बैंड” दिया जाएगा. यह डिवाइस प्रत्येक यात्री के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी. इस बैंड में एक विशेष ‘इमरजेंसी बटन’ दिया गया है. यदि कोई यात्री भीड़ में खो जाता है या अचानक उसकी तबीयत खराब होती है, तो इस बटन को दबाते ही कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा. इससे रिस्पॉन्स टीम बेहद कम समय में जायरीन तक पहुंच सकेगी.

लोकेशन और हेल्थ मॉनिटरिंग की सुविधा
यह स्मार्ट बैंड यात्रियों की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक करेगा. हज के दौरान भारी भीड़ में अक्सर लोग अपने समूह से बिछड़ जाते हैं, जिसे अब इस तकनीक की मदद से तुरंत ढूंढा जा सकेगा. साथ ही यह डिवाइस यात्रियों के ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और ऑक्सीजन लेवल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की भी निगरानी करेगा. तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मेडिकल टीम को पहले ही सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते उपचार शुरू किया जा सके.

निजी स्तर पर कुर्बानी और खाना बनाने पर रोक
व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव कुर्बानी को लेकर किया गया है. अब कोई भी हाजी निजी स्तर पर बाजार से जानवर खरीदकर कुर्बानी नहीं दे सकेगा. सऊदी अरब सरकार ने ‘फोटो वाली ठगी’ और गंदगी को रोकने के लिए ‘नुसुक मसार पोर्टल’ अनिवार्य कर दिया है. अब केवल आधिकारिक ‘अदाही प्रोजेक्ट’ के माध्यम से ही ऑनलाइन बुकिंग होगी. इसके अलावा, कैंपों में आग लगने के खतरे को देखते हुए खुद खाना बनाने पर पाबंदी लगा दी गई है. यात्रियों को अपने साथ कम से कम 3000 सऊदी रियाल रखना अनिवार्य होगा, जो उनके भोजन और अन्य निजी खर्चों के लिए तय किया गया है.

किस्त जमा करने की डेडलाइन समाप्त
हज मास्टर ट्रेनर हाजी युसूफ के अनुसार, तीसरी और अंतिम किस्त (17,290 रुपये) जमा करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है. हज यात्रा का कुल खर्च लगभग 3.52 लाख रुपये निर्धारित है. जिन यात्रियों ने समय पर भुगतान पूरा कर लिया है, उन्हीं का फ्लाइट कन्फर्मेशन बहाल रहेगा.

एम्बारकेशन प्वाइंट पर 24 घंटे पूर्व रिपोर्टिंग अनिवार्य
झारखंड राज्य हज समिति ने हज 2026 के चयनित जायरीनों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. हज कमेटी ऑफ इंडिया के सर्कुलर नंबर 34 के आलोक में जारी इन निर्देशों के अनुसार, इस बार यात्रियों को अपना मूल पासपोर्ट किसी कार्यालय में जमा करने के बजाय स्वयं अपने पास सुरक्षित रखना होगा. एम्बारकेशन प्वाइंट (प्रस्थान स्थल) पर रिपोर्टिंग के समय मूल पासपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही यात्रा दस्तावेज जारी किए जाएंगे. पासपोर्ट की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक होनी चाहिए और उसमें कम से कम दो खाली पेज होने अनिवार्य हैं.

स्मार्ट वॉच और हज किट के लिए नियम तय
सभी हज यात्रियों को एम्बारकेशन प्वाइंट से ही ‘हज किट’ प्रदान की जाएगी, जिसमें आईडी कार्ड, वीजा और एआई तकनीक से लैस स्मार्ट वॉच शामिल होगी. कवर हेड अपनी टीम के सभी सदस्यों की किट प्राप्त कर सकता है. यदि कोई अन्य व्यक्ति किट लेने जाता है, तो उसे अपना मूल आधार कार्ड और हस्ताक्षरित प्राधिकरण पत्र (अनेक्सचर-1) दिखाना होगा. यात्रियों को अपनी फ्लाइट बुकिंग की पुष्टि ‘हज सुविधा ऐप’ या पोर्टल के माध्यम से करनी होगी और उसकी रसीद सुरक्षित रखनी होगी.

हज सुविधा ऐप इंस्टॉल करना अनिवार्य
कार्यपालक पदाधिकारी आफताब अहमद ने बताया कि सभी यात्रियों के लिए मोबाइल में ‘हज सुविधा ऐप’ इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया गया है. जिला खादिमुल हुज्जाज और ट्रेनर्स को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों के यात्रियों को यह ऐप डाउनलोड कराएं और इसकी सूची राज्य समिति को उपलब्ध कराएं. प्रस्थान स्थल पर यात्रियों को कम से कम 24 घंटे पहले रिपोर्ट करना होगा, जबकि सीधे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को 6 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य होगा. आधिकारिक ‘नुसुक मसार’ पोर्टल के माध्यम से ही अदाई प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना होगा. यात्रियों को चेक लिस्ट के अनुसार मूल पासपोर्ट, स्वास्थ्य कार्ड, टीकाकरण प्रमाण पत्र, भुगतान रसीद और हस्ताक्षरित फ्लाइट कन्फर्मेशन रसीद अपने साथ रखनी होगी. किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर यात्री तुरंत राज्य हज समिति से संपर्क कर सकते हैं.

Related Articles

Back to top button