रायपुर
छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में विभाग व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च के आरोपों को श्रम विभाग ने निराधार और भ्रामक है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 5,000 से 8,000 लोग शामिल हुए थे।
श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित संस्था को नियमों के तहत किया गया।
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