‘बोले सो निहाल’ के जयकारों के साथ वतन से विदा हुए यात्री, 10 दिनों की पाकिस्तान यात्रा के बाद 19 अप्रैल को होगी वापसी

राज्य

 

कुरुक्षेत्र

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से आज आस्था और उत्साह की एक विशेष तस्वीर सामने आई। पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन और बैसाखी पर्व मनाने के लिए 255 भारतीय सिख श्रद्धालुओं का जत्था आज रवाना हुआ। कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

5 विशेष बसों में अमृतसर के लिए रवानगी
श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए कुल 5 बसों की व्यवस्था की गई है। यह जत्था कुरुक्षेत्र से सीधा अमृतसर पहुँचेगा, जहाँ रात्रि विश्राम के बाद कल वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। यात्रियों में अपने पवित्र स्थलों के दर्शन को लेकर भारी उत्साह देखा गया।

बैसाखी और खालसा सृजन दिवस का संगम
इस वर्ष पाकिस्तान में बैसाखी पर्व को खालसा सृजन दिवस के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु वहां ननकाना साहिब, पंजा साहब और करतारपुर साहिब सहित विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे। कई श्रद्धालुओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में पहली बार इन पवित्र स्थलों के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है।

रिकॉर्ड संख्या में वीजा मिलना बड़ी उपलब्धि
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार, इस बार हरियाणा प्रदेश से रिकॉर्ड 255 यात्रियों को वीजा जारी किया गया है। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अनुमति मिली है, जो सिख समाज के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है।

10 दिनों की यात्रा के बाद 19 अप्रैल को होगी वापसी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी श्रद्धालु पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुधामों में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। दर्शन और बैसाखी समारोह संपन्न करने के बाद, यह जत्था 19 अप्रैल को वापस भारत (वतन वापसी) लौटेगा। रवानगी के समय पूरा वातावरण 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से गूंज उठा।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry