एमसीबी : जंगल की जमीन को निजी बताकर बेचने का मामला, प्रशासन सख्त

छत्तीसगढ़ रायपुर

एमसीबी : जंगल की जमीन को निजी बताकर बेचने का मामला, प्रशासन सख्त

बेलबहरा की विवादित भूमि पर खरीदी-बिक्री सहित सभी गतिविधियों पर रोक

एमसीबी

कलेक्टर जनदर्शन में आई शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बेलबहरा की एक विवादित भूमि पर सभी प्रकार के लेन-देन और निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बेलबहरा तहसील मनेन्द्रगढ़ स्थित खसरा नंबर 62 जिसका पुराना खसरा नंबर 32 जो वर्ष 1944-45 के राजस्व रिकॉर्ड में “छोटे झाड़ का जंगल” के रूप में दर्ज थी। आरोप है कि वर्ष 1980-81 में बिना किसी वैधानिक आदेश के इसे रामसुभग के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं को भूमि आबंटित होना बताकर शासकीय अनुमति प्राप्त की गई और भूमि का विक्रय भी कर दिया गया। इस पूरे मामले को शिकायत के माध्यम से कलेक्टर जनदर्शन में उठाया गया।
इस भूमि की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनेन्द्रगढ़ को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं जांच में सामने आया कि भूमि विक्रय की अनुमति लेते समय महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की गई। जांच प्रतिवेदन में भूमि को पुनः शासकीय मद में दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।

प्रकरण दर्ज, अंतिम निर्णय तक सख्ती

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के 20 मार्च 2026 के प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जब तक मामले का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भूमि पर सख्त प्रतिबंध लागू रहेंगे।

इन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक –

खरीदी-बिक्री, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन अन्य किसी भी प्रकार की राजस्व कार्रवाई।

निर्माण कार्य भी प्रतिबंधित –

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य भी नहीं किया जा सकेगा।

उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई –

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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