यूरिया, डीएपी की कीमत बढ़ाने पर शिवराज सिंह चौहान ने किया बड़ा ऐलान, किसानों को मिलेगा रिकॉर्ड चेक

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 
अमेरिका-ईरान के बीच भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन अभी भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में भारत में युद्ध का असर दिखने लगा है. रासायनिक खाद संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार ने खाद वितरण का एक नया तरीका तैयार किया है. किसानों को आगामी फसलों के लिए पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार नया सिस्टम तैयार कर रही है. इसमें किसानों को उनकी जमीन और फसल के हिसाब से खाद उपलब्ध कराया जाएगा. केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है। 

शिवराज बोले- नहीं बढ़ेंगी खाद की कीमतें
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "युद्ध की वजह से अभी रासायनिक खाद का कोई संकट नहीं है. देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है. केन्द्र सरकार अलग-अलग स्तर पर इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है. पश्चिम एशिया में पैदा हुई परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार बैठकें की जा रही हैं। 

शिवराज ने कहा "युद्ध के चलते कच्चे माल की कीमतों में बढोत्तरी हुई है. इससे डीएपी और यूरिया के रेट में बढोत्तरी हुई है, लेकिन सरकार ने तय किया है कि डीएपी और यूरिया के दाम पहले के तरह ही रहेंगे. खाद की कीमतों में बढोत्तरी नहीं की जाएगी. इसके लिए केन्द्र सरकार ने अपनी पिछली कैबिनेट बैठक में 41 हजार करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की है, ताकि बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर न पड़े. इसके अलावा खाद की उपलब्धता जहां से हो सकती है, उसके प्रयास किए जा रहे हैं। 

किसान की आईडी के आधार पर मिलेगा खाद
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "किसानों को मिलने वाले खाद का डायवर्सन बहुत होता है. सब्सिडी पर किसानों को मिलने वाला सस्ता खाद अलग-अलग तरीकों से इंडस्ट्री में चला जाता है, इसको रोकने के लिए मध्य प्रदेश सहित देशभर के किसानों को फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है. अभी तक 9 करोड़ 29 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं. इस संख्या को बढ़ाकर 13 करोड़ तक लेकर जाना है। 

फॉर्मर आईडी से किसान का पूरा डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा. पता चल सकेगा कि किसान के पास कितनी भूमि है और वह कौन-सी फसल उगाता है. भूमि के हिसाब से उसे कितनी खाद की जरूरत होगी. उस हिसाब से ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त उर्वरक भी उपलब्ध कराया जाएगा. ब्लैकमार्केटिंग पर लगाम लगाने के लिए सिस्टम तैयार किया जा रहा है। 

हर स्थिति पर नजर रखे है केंद्र सरकार
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा "उम्मीद तो यही की जाती है कि युद्ध की परिस्थितियां समाप्त हो जाएं. मैं यह नहीं कहता कि ऐसी परिस्थितियों का हम पर प्रभाव नहीं पड़ता. एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी किसान को परेशानी न हो, इसकी कोशिशें की जा रही हैं. रासायनिक खाद की उपलब्धता को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और प्रयास किए जा रहे हैं कि यह कहां से कितना मिल सकता है। 

साथ ही इसका बेहतर तरीके से वितरण कैसे करना है. किसानों के उत्पादों के निर्यात पर भी निगाह बनाए रखी है. परिस्थितियां चुनौनीपूर्ण हैं और यह सामान्य भी होंगी, लेकिन इससे निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

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