फतेहगढ़ साहिब में माथा टेकने पहुंचे राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मथुरा घटना पर जताया दुख, कार्रवाई का दिया आश्वासन

फतेहगढ़ साहिब
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज शनिवार ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी की महान शहादत को नमन किया।
राज्यपाल ने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य दरबार में अरदास की और पूरे विश्व में शांति, भाईचारे तथा मानवता की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती न केवल पंजाब, बल्कि पूरे देश और विश्व के लिए प्रेरणा का केंद्र है। यहां की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े रहने तथा सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों और गुरुद्वारा प्रबंधन ने राज्यपाल को सिरोपाओ और श्री साहिब भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और सिख इतिहास की महान परंपराओं की सराहना की।
मथुरा दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया
मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यपाल कटारिया ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में हाल ही में हुई घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और इससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सिख इतिहास के महान बलिदानियों को नमन किया
उन्होंने कहा कि प्रशासन का कर्तव्य है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे। राज्यपाल ने लोगों से भी अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
राज्यपाल के इस दौरे को श्रद्धा और संवेदना के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां उन्होंने सिख इतिहास के महान बलिदानों को नमन किया, वहीं दूसरी ओर मथुरा की घटना पर दुख व्यक्त कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और न्याय का भरोसा दिलाया।



