जयपुर
राजस्थान में पुलिसिंग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त निर्देश दिए हैं। इसे लेकर 10 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय बैठ हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लॉ एंड ऑर्डर और पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर जोर देते हुए अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच समय पर पूरी हो और जवाबदेही तय हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर की जांच एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। सीएम के अनुसार, अपराध को शुरुआती स्तर पर ही रोकना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।पुलिसिंग को आधुनिक और प्रभावी बनाने के निर्देश
साइबर क्राइम पर लगाम कसने के लिए प्रतिदिन उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाए और पीड़ितों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और साइबर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाए। साथ ही, ई-एफआईआर और चार्जशीट का ई-रिकॉर्ड नियमित अपडेट होना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक (SP) थानों का और महानिरीक्षक (IG) एसपी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें। उच्चाधिकारियों को भी नियमित फील्ड विजिट के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन जनसुनवाई कर प्रकरणों के निस्तारण की जिलेवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा है। विशेषकर सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनाना जरूरी
सीएम ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनाना जरूरी है, जिसमें पुलिस की भूमिका अहम है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन व्यवहार करने और कम्यूनिटी पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की सलाह दी। साथ ही, सीएलजी सदस्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया ताकि सामाजिक पुलिसिंग अधिक समावेशी बन सके।
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