पश्चिमी चंपारण
पश्चिमी चंपारण जिले के सिकटा और मैनाटांड़ प्रखंड के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से पुल की मांग कर रहे ग्रामीणों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. सरकार ने सिकटा प्रखंड की सिकरहना, ओरिया और करताहा नदियों के विभिन्न घाटों पर, साथ ही मैनाटांड़ के रांगी नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति दे दी है. इससे दर्जनों गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो जाएगी.
सर्वे का काम शुरू, जल्द तैयार होगी रिपोर्ट
शुक्रवार को मुजफ्फरपुर से आई सर्वेयर टीम ने प्रस्तावित पुल स्थलों का निरीक्षण किया. सर्वेयर अनंत कुमार और कनीय अभियंता अजीत कुमार ओझा ने बताया कि पुल निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग के तहत कराया जाएगा. सर्वे के आधार पर डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी, जिसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी.
इस वित्तीय वर्ष के अंत तक शुरू होगा काम
अधिकारियों के अनुसार, पुल निर्माण कार्य इस वित्तीय वर्ष के अंत तक शुरू होने की पूरी संभावना है. अगले वित्तीय वर्ष तक पुल बनकर तैयार हो सकते हैं. यह स्वीकृति स्थानीय विधायक समृद्ध उर्फ आयुष वर्मा की अनुशंसा के बाद मिली है.
आवागमन होगा आसान, दूरी होगी कम
सिकरहना नदी के कदमवा घाट पर पुल बनने से सिकटा प्रखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय की दूरी काफी घट जाएगी. छात्रों को अब नदी पार कर स्कूल जाने की मजबूरी नहीं होगी. वहीं, ओरिया नदी पर पुल बनने से पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के कई पंचायतों के
बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा.
करताहा नदी के बैरगनिया घाट पर पुल बनने से परसौनी और धनकुटवा पंचायत का संपर्क नरकटियागंज प्रखंड के कई गांवों से जुड़ जाएगा. इसी तरह मैनाटांड़ के बेहरी बंगाली कॉलोनी के पास पुल बनने से कई गांवों का सीधा संपर्क भंगहा थाना मुख्यालय से हो जाएगा.
ग्रामीणों में खुशी की लहर
पुल निर्माण की खबर मिलते ही इलाके में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आएगा. मौके पर कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे.
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