रायपुर.
छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है। सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है। जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।
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