डिंडौरी
डिंडोरी जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र में अमरकंटक मुख्य मार्ग पर रविवार रात हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर शवों के चीथड़े बिखर गए थे। इस बीच एक घायल युवक उदय प्रताप सिंह की कहानी सामने आई, जिसने बताया कि किस तरह वह चमत्कारिक रूप से मौत के मुंह से बच निकला।
पेशाब करने गया, तो बच गई जान
घायल उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले वह पेशाब करने के लिए वाहन से दूर चला गया था। वापस लौटते समय उसे एक हल्की टक्कर लगी, जिससे वह दूर गिर गया और गंभीर चोट से बच गया। उदय के मुताबिक, अगर वह वहीं मौजूद रहता तो शायद उसकी भी जान चली जाती।
हादसे की भयावह तस्वीर
उदय ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से उसके तीन परिजनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। सड़क पर मांस के टुकड़े बिखर गए थे और दृश्य बेहद डरावना था। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
ड्राइवर की झपकी बनी हादसे की वजह
पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक रमेश पटेल ने स्वीकार किया कि उसे झपकी लग गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि चालक अकेले ही करीब 300 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रहा था और उसके साथ कोई सहायक भी नहीं था। बिना पर्याप्त आराम के वाहन चलाना इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
प्रशासन ने शुरू किया जागरूकता अभियान
घटना के बाद पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता
जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत राशि की घोषणा की है। मृतकों की पत्नियों को 600 रुपये मासिक पेंशन, 5 हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता, रेड क्रॉस सोसायटी से 50 हजार रुपये और संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये की सहायता देने के आदेश जारी किए गए हैं।
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