ईरान-अमेरिका टकराव के बीच फ्रांस की एंट्री, क्या मैक्रों दिला पाएंगे शांति का रास्ता?

दुनिया

पेरिस.

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने राजनयिक मध्यस्थ की भूमिका तेज कर दी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से अलग-अलग वार्ता की और रुकी हुई शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का प्रयास किया है। यह प्रयास होर्मुज स्ट्रेट में उत्पन्न खतरनाक स्थिति के बीच सामने आया है, जहां अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी लगा रखी है। अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने मंगलवार को तेहरान की ओर से बातचीत की मेज पर लौटने की इच्छा जताई, लेकिन शर्त रखी कि चर्चा अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में होनी चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पूर्ण युद्धविराम के लिए स्पष्ट शर्तें रखी हैं, जिसमें लेबनान में शत्रुता की समाप्ति को शामिल करना अनिवार्य बताया गया है। पेजेश्कियन ने कहा कि यूरोप, खासकर फ्रांस, वाशिंगटन के साथ मतभेदों को दूर करने में रचनात्मक भूमिका निभा सकता है। इस्लामाबाद में हालिया वार्ता विफल रहने के बावजूद तेहरान ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प और गंभीरता दिखाई है, हालांकि अंतिम नतीजा वाशिंगटन की समझौता करने की इच्छा पर निर्भर करेगा।

अब एक्टिव हुए फ्रांस के राष्ट्रपति
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दोनों नेताओं से वार्ता के बाद युद्धविराम लागू करने और होर्मुज को तुरंत फिर से खोलने के लिए दबाव बनाया है। उन्होंने बिना किसी नियंत्रण, शुल्क या शर्त के होर्मुज स्ट्रेट को बिना शर्त खोलने की मांग की। फ्रांस और ब्रिटेन शुक्रवार को पेरिस में एक वीडियो सम्मेलन की मेजबानी करेंगे, जिसमें नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए बहुपक्षीय मिशन पर चर्चा होगी। दोनों नेताओं से बातचीत के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मैंने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की। मैंने इस्लामाबाद में बाधित हुई वार्ता को तुरंत फिर से शुरू करने, गलतफहमियों को दूर करने और तनाव के नए चरणों से बचने का आह्वान किया है।

मैक्रों के प्रस्ताव के तीन प्रमुख बात है। पहला क्षेत्रीय स्थिरता के लिए लेबनान को शामिल करते हुए वर्तमान युद्धविराम का विस्तार। दूसरा होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी नियंत्रण, शुल्क या शर्त के तुरंत फिर से खोलना और अंत में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए फ्रांस व ब्रिटेन के नेतृत्व में शुक्रवार को पेरिस में वीडियो सम्मेलन के माध्यम से एक पूर्णत रक्षात्मक बहुपक्षीय मिशन स्थापित करना। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह विशेष रूप से जरूरी है कि सभी देश युद्धविराम का सख्ती से पालन करें, जिसमें लेबनान भी शामिल हो। इतना ही महत्वपूर्ण है कि होर्मुज को बिना किसी शर्त, नियंत्रण या शुल्क के जल्द से जल्द फिर से खोला जाए। इन परिस्थितियों में मुख्य हितधारकों के समर्थन से बातचीत शीघ्र शुरू हो सकेगी।

सोमवार को ट्रंप ने कहा था- फोन आया है
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उनके प्रशासन को ईरान की ओर से 'दूसरी तरफ' से फोन आया है और तेहरान अब बातचीत के लिए उत्सुक है। वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि वे किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहते हैं। ट्रंप की ये टिप्पणियां ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी लगाए जाने के कुछ घंटों बाद आईं। इस सप्ताहांत पाकिस्तान में हुई लंबी वार्ता किसी समझौते पर पहुंचने में नाकाम रही। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि वार्ता में मुख्य अड़चन ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं हैं और उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।

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