रांची में 4000 महिलाओं की पदयात्रा, नारी सशक्तीकरण का लिया संकल्प

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रांची

झारखंड के रांची में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मंगलवार को आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में सम्मेलन हुआ. इसमें हजारों महिलाएं शामिल हुईं. पूरा हॉल महिलाओं से खचाखच भरा था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मौजूद जनसमूह ने पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया. ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित रहा.

पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में होगी नारी: संजय सेठ
कार्यक्रम का आयोजन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की ओर से किया गया. संजय सेठ ने कहा कि यह भव्य आयोजन न केवल नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है. पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में नारी होंगी. संजय सेठ ने कहा कि यह सिर्फ अधिनियम नहीं है. यह इस सपने के पूरा होने जैसा है, जो आजादी के बाद हमारे देश की मातृ शक्ति देखती थीं.

बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा?
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल भारत देश में ही शक्ति की देवी के रूप में नारी की पूजा होती है. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम किया है. निर्णय की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी होगी. मौके पर रांची की महापौर रोशनी खलखो, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सरोज शर्मा, विनीता सिंघानिया, विजयश्री साबू, लेखिका पुष्पा सहाय और उषा जालान सहित अलग-अलग संस्था से जुड़ी महिलाएं मौजूद थीं.

महिलाओं के सम्मान में सीढ़ी पर बैठे रक्षा राज्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सम्मान में रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ मंच के सामने सीढ़ी पर बैठे नजर आए. उन्होंने सम्मेलन में आईं महिलाओं का स्वागत फूल वर्षा कर किया. कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर विस्तार से बताया. इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया. साथ ही महिलाओं को दिए गए आरक्षण के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया.

पदयात्रा में 4000 से अधिक महिलाएं हुईं शामिल
सम्मेलन के बाद आर्यभट्ट सभागार से पदयात्रा निकाली गई. इसमें 4000 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया. यह पदयात्रा मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका तक निकाली गई. इस दौरान राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और नारी सशक्तीकरण का संकल्प दोहराया गया.

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