औद्योगिक लापरवाही का बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ में 296 मजदूरों की मौत, बालको समेत कई कारखानों में हुए हादसे

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है. विकास की रफ्तार में कई बड़े-बड़े पावर प्लांट स्थापित हो चुके हैं. लेकिन सवाल अब भी यहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर है. उन्हें सुरक्षा मानकों के अनुरूप जरूरी सेफ्टी उपकरण दिए जा रहे हैं. पिछले 3 सालों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 296 मजदूरों की मौत हुई है. मंगलवार को सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हुआ हादसा एक बार फिर 2009 के बालको के दर्दनाक हादसे की यादें ताजा कर गया, जिसमें 40 मजदूरों की मौत हुई थी.

प्रदेश में हुए औद्योगिक हादसे 
2009 – बालको प्लांट में 240 मीटर ऊंची चिमनी गिरने से 40 श्रमिकों की मौत.
2006 – बलौदाबाजार के रियल इस्पात प्लांट के डस्ट सेटलिंग चेंबर में धमाके से 7 श्रमिकों की मौत.
2025 – रायपुर के सिलतरा में गोदावरी स्टील प्लांट में छत गिरने से 6 श्रमिकों की मौत.
2024 – सरगुजा एलुमिनियम प्लांट हादसे में कोयले से भरा बेल्ट गिरने से 4 श्रमिकों की मौत.

लगातार हो गए छोटे हादसे
फरवरी 2026 : रायगढ़ के मंगल कार्बन फैक्ट्री में विस्फोट के बाद दो श्रमिकों और एक बच्ची की मौत हुई.
मार्च 2026 : बलौदाबाजार के स्वदेश मेटालिक प्लांट में 30 फीट की ऊंचाई से गिरने से एक श्रमिक की मौत.
जून 2025 : भिलाई स्टील प्लांट में 1000 किलो का जंबो बैग गिरने से एक महिला श्रमिक की मौत हो गई.
मई 2024 : बेमेतरा में स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड फैक्ट्री में हुए विस्फोट में एक की मौत और 6 लोग घायल हुए.
अप्रैल 2026 : बीएसपी में टर्बाइन में आग से सात कर्मचारी घायल हुए. कई श्रमिकों ने कूदकर जान बचाई.

तीन वर्षों में 296 श्रमिकों ने गंवाई जान, 248 घायल
मार्च में विधानसभा में राज्य सरकार ने जानकारी दी थी कि पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 296 श्रमिकों की मौत हुई, जबकि 248 घायल हुए. उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया था कि राज्य में 7,324 कारखाने संचालित हैं, जिनमें 948 ‘खतरनाक’ और 32 ‘अत्यंत खतरनाक’ श्रेणी में हैं. सरकार ने सुरक्षा मानकों, पीपीई किट और आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य बताई हैं.

हर हादसे के बाद जांच, लेकिन सुरक्षा मानकों पर अब भी सवाल
सक्ति जिले के वेदांता प्लांट हादसे ने फिर से औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रमिक संगठनों ने मामले की जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो. फिलहाल प्रशासन घायलों के बेहतर उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry