गर्मी और लू के खतरे से बचाव: स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी, हीटस्ट्रोक से बचने के उपाय

देश

 नई दिल्ली
देश के कई हिस्सों में तेज गर्मी और लू का प्रकोप बढ़ रहा है. भारत मौसम विभाग (IMD) ने मध्य और पूर्वी भारत में लू (हीटवेव) की चेतावनी जारी की है. अप्रैल के मध्य से ही कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में 18 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है. वहीं, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक (उत्तर आंतरिक) और गुजरात (सौराष्ट्र-कच्छ) में बढ़ते तापमान के बीच हीटवेव का अलर्ट है। 

इसके अलावा राजस्थान, बिहार, झारखंड और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा. IMD के मुताबिक, अप्रैल-जून के बीच इन इलाकों में लू के दिन सामान्य से ज्यादा हो सकते हैं. बढ़ती गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग के कारण देशभर में हीट वेव (लू) की अवधि लंबी हो रही है. जिसे देखते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने हीटस्ट्रोक से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। 

हीटस्ट्रोक क्या है और क्यों खतरनाक है?
हीटस्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या 104°F से ज्यादा हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता. यह स्थिति बहुत गंभीर होती है. हीटस्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है।

कब और कैसे हो सकता है हीटस्ट्रोक?
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गर्मी के मौसम में अगर पर्याप्त पानी न पिया जाए तो शरीर की ठंडक बनाए रखने की क्षमता कम हो जाती है. इससे तापमान बहुत बढ़ जाता है और हीटस्ट्रोक हो सकता है. हीटस्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान नियंत्रण से बाहर हो जाता है। 

हीटस्ट्रोक से कैसे बचें?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने हीटस्ट्रोक से बचने के लिए कुछ आसान उपाय बताए हैं:-

    गर्मी में शरीर से पानी की कमी बहुत तेजी से होती है. इसलिए दिन में बार-बार पानी पीते रहें. प्यान नहीं लगने पर भी खूब पानी पिएं. 
    दोपहर में 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर ना निकलें और ज्यादा मेहनत का काम ना करें.
    ज्यादा कैफीन (जैसे चाय-कॉफी) से बचें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं.
    हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें.
    अगर बाहर काम करना जरूरी है तो थोड़ी-थोड़ी देर में छांव में बैठकर आराम करें.

हीटस्ट्रोक होने पर तुरंत क्या करें?

    अगर किसी व्यक्ति को हीटस्ट्रोक के लक्षण दिखें (जैसे तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी, ज्यादा पसीना या पसीना बंद हो जाना) तो तुरंत ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं और लिटा दें.
    ठंडे पानी के कपड़े से शरीर को पोछें या ठंडी सिकाई करें.
    होश में हो तो छोटे-छोटे घूंट में ठंडा पानी पिलाएं.
    जब व्यक्ति बेहतर महसूस करने लगे तो खीरा, नारियल पानी जैसी नमी से भरपूर चीजें दें.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने गर्मी में सावधानी बरतने की अपील की है. बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बाहर काम करने वाले मजदूर हीटस्ट्रोक के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं. ऐसे में इनपर खास नजर रखने की जरूरत है. गर्मी के मौसम में बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ जरूर रखें। 

 

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