गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी इलाके में गुरुवार दोपहर एक भयावह आग की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। खाली प्लॉट पर बनी करीब 125 झुग्गियां आग की चपेट में आ गईं और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि करीब 200 मीटर दूर तक उनकी तपिश महसूस की गई। इस हादसे में 50 से अधिक छोटे-बड़े गैस सिलेंडर विस्फोट के साथ फट गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। कई परिवारों के आशियाने जलकर राख हो गए और करीब 125 परिवार बेघर हो गए। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने बच्चों व सामान की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए।
200 मीटर तक महसूस हुई आग की तपिश
आग इतनी भीषण थी कि उसकी गर्मी और लपटें दूर-दूर तक महसूस की जा रही थीं। लगातार एक के बाद एक 50 से अधिक गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिसकी आवाजें आसपास के इलाकों तक सुनाई दीं। धमाकों के चलते स्थिति और भी भयावह हो गई और लोग जान बचाने के लिए झुग्गियों से बाहर निकलकर भागने लगे।
4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू
सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए मेट्रोसिटी, लोनी और गौतमबुद्ध नगर से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। कुल मिलाकर 22 फायर टेंडर्स की मदद से करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
झुग्गी बस्ती में मचा हाहाकार, लोग बच्चों को खोजते रहे
कनावनी गांव के किनारे टिन शेड से बनी इस बस्ती में हजारों लोग अपने परिवारों के साथ रहते हैं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने बच्चों, बुजुर्गों और जरूरी सामान को ढूंढते नजर आए। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, लेकिन तब तक उनका घर और सामान पूरी तरह जल चुका था।
20 से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना
घटना के दौरान शुरुआती सूचना में 20 से अधिक बच्चों के लापता होने की बात सामने आई थी, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई। हालांकि पुलिस ने बाद में स्पष्ट किया कि सभी बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और किसी के फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है।
नोएडा तक दिखा धुएं का गुबार
आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि धुएं का विशाल गुबार दूर नोएडा तक दिखाई दिया। आसपास के इलाकों में भी धुआं फैलने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई।
जांच में जुटी टीम, आग के कारणों की तलाश जारी
फायर विभाग और पुलिस प्रशासन ने आग पर काबू पाने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सभी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने की है।
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