हजारीबाग
हजारीबाग जिले के पिपरवार-केरेडारी सीमावर्ती क्षेत्र स्थित खपिया जंगल में शुक्रवार को सुरक्षा बलों और टीएसपीसी (TSPC) उग्रवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. इस कार्रवाई में पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने संगठन के चार उग्रवादियों को मार गिराया है. मारे गए उग्रवादियों में संगठन का जोनल कमांडर और 15 लाख का इनामी उग्रवादी शाहदेव भी शामिल है, जिसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी.
गुप्त सूचना पर कोबरा टीम का प्रहार
दरअसल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी के उग्रवादी किसी बड़ी साजिश के तहत खपिया कोटी झरना इलाके में जमा हुए हैं. इसके बाद कोबरा बटालियन और चतरा जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला. जैसे ही सुरक्षा बल जंगल के करीब पहुंचे, उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्चा लेते हुए चार उग्रवादियों को मौके पर ही ढेर कर दिया. खबर लिखे जाने तक पुलिस और नक्सलियों के बीच लगातार गोलीबारी जारी है. बताया जा रहा है कि मारे गए उग्रवादियों में शाहदेव की पत्नी नताशा भी शामिल है.
टीएसपीसी संगठन की टूटी कमर
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन से टीएसपीसी को तगड़ा झटका लगा है. सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियानों से चाईबासा और चतरा के इलाकों में सक्रिय टीएसपीसी उग्रवादी संगठनों की कमर टूट गई है. कार्रवाई के दौरान उग्रवादियों द्वारा प्रयुक्त किये जाने वाले हथियार और गोला-बारूद भी भारी मात्रा में बरामद हुए हैं.
जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है. कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ उग्रवादी जंगल और पहाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे हैं, जिनकी तलाश में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पुलिस मुख्यालय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों का कहना है कि जब तक क्षेत्र उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा.
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