एंटी-डोपिंग 2025 कानून लाग,भारत में खेलों की शुचिता पर सरकार का फोकस

खेल

 नई दिल्ली

 खेलों में डोपिंग के खिलाफ भारत अब केवल खिलाड़ियों की जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डोपिंग के पूरे नेटवर्क सप्लाई चेन, कोच, डॉक्टर और अवैध आपूर्ति करने वालों पर सीधा प्रहार करेगा। ग्लोबल एंटी-डोपिंग इंटेलिजेंस एंड इन्वेस्टिगेशन नेटवर्क के कार्यक्रम के दौरान विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) के अध्यक्ष विटोल्ड बांका और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया की मौजूदगी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कहा।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके लिए खेलों की शुचिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वाडा कोड और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप राष्ट्रीय एंटी डोपिंग संशोधन अधिनियम 2025 लागू किया है। साथ ही खिलाड़ियों को जागरूक करने के लिए नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं और ‘नो योर मेडिसिन’ ऐप लान्च किया है, जिससे खिलाड़ी प्रतिबंधित दवाओं की जानकारी ले सकेंगे।

वाडा अध्यक्ष विटोल्ड बांका ने दी प्रतिक्रिया
वाडा अध्यक्ष विटोल्ड बांका ने कहा कि डोपिंग अब केवल खेल का मुद्दा नहीं, बल्कि संगठित अपराध और सार्वजनिक नीति से जुड़ा वैश्विक खतरा बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डोपिंग किसी एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क का खेल है। बांका ने चिंता जताई कि प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं के उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों में भारत एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि वाडा अब जांच के लिए पारंपरिक टेस्टिंग से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस-आधारित मॉडल अपना रहा है, जिसमें कानून प्रवर्तन एजेंसियों, इंटरपोल, यूरोपोल और राष्ट्रीय जांच एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। नाडा के महानिदेशक अनंत कुमार ने कहा कि एजेंसी ने अपनी जांच और इंटेलिजेंस क्षमता को मजबूत किया है तथा भविष्य का फोकस डोपिंग सप्लाई चेन को तोड़ने पर रहेगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाएं उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए ये महत्वपूर्ण: बांका
बांका ने कहा कि भारत यदि बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करना चाहता है, तो मजबूत एंटी-डोपिंग ढांचा अनिवार्य है। उन्होंने नाडा के फिजिकल आडिट की घोषणा करते हुए कहा कि भारत सरकार और संस्थानों की प्रतिबद्धता से वे आशावादी हैं। हालांकि वाडा ने यह भी माना कि डोपिंग को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं, लेकिन मजबूत कानून, तकनीक और खुफिया नेटवर्क के सहारे इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

 

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