मानवता की अनूठी मिसाल: न्यूजीलैंड में सिखों की ‘फ्री फूड ड्राइव’ की धूम, स्थानीय संसद सदस्य ने भी सराहा

राज्य

वेलिंगटन
न्यूजीलैंड की धरती पर सिख कौम ने एक बार फिर अपनी सेवा भावना से मानवता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सुप्रीम सिख सोसाइटी ऑफ न्यूजीलैंड द्वारा गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब टाकाजीनी में आयोजित 'फ्री फूड ड्राइव' में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने अरदास के साथ इस सेवा कार्य का शुभारंभ किया, जिसमें स्थानीय जरूरतमंदों के बीच एक हजार से अधिक भोजन की किट बांटी गईं।

ऐतिहासिक 'सच्चा सौदा' की याद
भोजन वितरण के अवसर पर जत्थेदार गड़गज्ज ने गुरु नानक देव जी द्वारा शुरू किए गए 'सच्चा सौदा' के सिद्धांत को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने 20 रुपयों से जिस लंगर की परंपरा शुरू की थी, उसकी बरकत आज पूरे विश्व में दिखाई दे रही है। न्यूजीलैंड की सिख सोसाइटी ने कोविड-19 के कठिन समय में भी मानवता की सेवा की थी, जिसकी सराहना वहां की सरकार ने भी की थी। यह सेवा बिना किसी भेदभाव के हर जाति और रंग के व्यक्ति के लिए समानता का प्रतीक है।

माओरी समुदाय का विशेष सम्मान
इस यात्रा के दौरान स्थानीय माओरी समुदाय ने जत्थेदार गड़गज्ज का अपनी सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार गर्मजोशी से स्वागत किया। माओरी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे सिख परंपराओं का गहरा सम्मान करते हैं और कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा की गई घटनाओं का उनके समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने सिखों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प दोहराया। सम्मान के प्रतीक के रूप में, उन्होंने जत्थेदार को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया, जो दोनों समुदायों के बीच बढ़ते भाईचारे को दर्शाता है।

स्थानीय नेताओं और सांसदों की सराहना
न्यूजीलैंड के संसद सदस्य ग्रेग फ्लेमिंग ने भी इस आयोजन में भाग लिया और सिखों की उदारता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के मानवता की सेवा करना सिखों की पहचान है। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। जत्थेदार ने न्यूजीलैंड में बसे सभी सिखों और अन्य समुदायों की प्रगति के लिए प्रार्थना की और विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों को एकजुट होकर अकाल तख्त साहिब से जुड़े रहने का संदेश दिया।

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