चंडीगढ़
पंजाब के रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने पंजाब सचिवालय में विभाग के कामकाज का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव सुमेर सिंह गुर्जर और निदेशक भूपिंदर सिंह ढिल्लों विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों, युद्ध विधवाओं और उनके आश्रितों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करना और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना था।
मुआवजा वितरण और लंबित मामलों पर चर्चा
अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को सूचित किया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से संबंधित विभिन्न मामलों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विभिन्न युद्धों के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अधिकांश शहीदों के परिवारों को पंजाब सरकार द्वारा पहले ही आर्थिक मुआवजा दिया जा चुका है। बैठक के दौरान उन शेष मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई जो अभी प्रक्रिया में हैं। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि फाइलों के निपटारे में होने वाली देरी को कम किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके।
रिक्त पदों को भरने और बजट पर ध्यान
विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा कि मानव संसाधन की कमी को दूर करना आवश्यक है ताकि सेवा वितरण सुचारू रूप से चलता रहे। इसके साथ ही, विभागीय बजट के सही उपयोग और नई परियोजनाओं के लिए धन के आवंटन पर भी मंथन किया गया। सरकार का लक्ष्य रक्षा सेवाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है ताकि सेवानिवृत्त सैनिकों को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
शहीदों के प्रति सम्मान और सरकारी प्रतिबद्धता
बैठक को संबोधित करते हुए मोहिंदर भगत ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के प्रति पंजाब सरकार पूरी श्रद्धा और सम्मान रखती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़ी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। सरकार शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगी और उनके आश्रितों की हर संभव सहायता के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगी। यह बैठक सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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