लखनऊ.
भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है और अब उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही थी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा सार्थक रही, लेकिन विपक्षी दलों कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने बिल का विरोध कर महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि इन दलों ने हमेशा की तरह इस बार भी नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लटकाने, भटकाने और अटकाने की राजनीति अपनाई। इसके लिए 17 अप्रैल काला दिवस के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक और सशक्त हो चुकी हैं तथा हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी दर्ज करा रही हैं।
महिलाएं अपने अधिकारों के खिलाफ खड़े होने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी। केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उसका अधिकार नहीं दिया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का कार्य एनडीए सरकार ने किया। सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उन्होंने मुखर होकर कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति कर रहे हैं। इन्हें देश की जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं है।
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