पंजाब के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने टांडा की अनाज मंडी में गेहूं की खरीद व्यवस्था का निरीक्षण किया। राज्य की विभिन्न मंडियों में अब तक कुल 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है। विभागीय मुस्तैदी के चलते इसमें से 24 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा फसल की खरीद का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों को बिना किसी देरी के उनकी मेहनत का फल दिलाना है, जिसके लिए मंडियों में व्यापक स्तर पर प्रबंध किए गए हैं।
किसानों को सीधा आर्थिक लाभ और पारदर्शी भुगतान
कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत अब तक किसानों के बैंक खातों में 647 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। सरकार ने नियमों के अनुसार खरीद के 48 घंटों के भीतर भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित की है। इस कदम से किसानों को अपनी अगली फसल की तैयारी और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि फसल की लिफ्टिंग में तेजी लाई जाए ताकि मंडियों में अनावश्यक भीड़ जमा न हो।
प्रशासनिक मुस्तैदी और बुनियादी सुविधाएं
अनाज मंडी के दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने सुनिश्चित किया कि मंडियों में बारदाना, लेबर और परिवहन की कोई कमी न रहे। होशियारपुर जिले में 78 खरीद केंद्र सक्रिय हैं, जिनमें से 65 स्थायी और 13 अस्थायी केंद्र हैं। प्रशासन का अनुमान है कि अकेले इस जिले में 3,16,000 मीट्रिक टन गेहूं की आवक होगी। किसानों की सुविधा के लिए पीने के पानी और छाया के भी उचित प्रबंध किए गए हैं।
फसल अवशेष प्रबंधन और बेमौसम बारिश की राहत
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाने के बजाय कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई मशीनरी का उपयोग करें। इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और प्रदूषण भी नहीं फैलेगा। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से प्रभावित फसलों के संदर्भ में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशानुसार विशेष गिरदावरी (फसल निरीक्षण) शुरू कर दी गई है। फसल के नुकसान की पूरी भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाएगी ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
भविष्य की रणनीति और सरकारी प्रतिबद्धता
स्थानीय विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने भी भरोसा दिलाया कि प्रशासन और सरकार मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि मंडी में आने वाला फसल का एक-एक दाना समय पर खरीदा जाए। खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की धांधली या अव्यवस्था को रोकने के लिए उच्चाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। पंजाब सरकार की यह सक्रियता दिखाती है कि राज्य में कृषि और किसान कल्याण उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। आने वाले दिनों में आवक बढ़ने के साथ ही खरीद और लिफ्टिंग की गति को और तेज करने की योजना तैयार है।
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