चंडीगढ़.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों फिनलैंड दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से सीधा संवाद स्थापित कर राज्य के विकास में उनकी भागीदारी का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बसे पंजाबियों के पास अनुभव, संसाधन और तकनीकी समझ है, जो पंजाब की आर्थिक प्रगति को नई गति दे सकती है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्हें राज्य में निवेश और नवाचार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। पंजाब सरकार उद्योग, कृषि और शिक्षा के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही है, जिसमें प्रवासी पंजाबियों की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से डेयरी, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में फिनलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दौरे के दौरान हेलसिंकी स्थित हेलसिंकी यूनिवर्सिटी के साथ शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी की पहल भी की गई। इस सहयोग के तहत छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पंजाब के युवाओं को वैश्विक स्तर पर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। अनाज भंडारण और कीट नियंत्रण के लिए पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को लागू करने की दिशा में फिनलैंड के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
उन्होंने “सोलिन प्रोटीन” को मिड-डे मील और आंगनवाड़ी पोषण योजनाओं में शामिल करने पर भी विचार व्यक्त किया, जिससे बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाया जा सके। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने फिनलैंड में भारतीय राजदूत से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। यह दौरा पंजाब और फिनलैंड के बीच सहयोग को नई दिशा देने और आर्थिक, शैक्षणिक व तकनीकी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, इससे पहले सीएम भगवंत मान ने फिनलैंड में भारत के राजदूत, हेमंत एच. कोटालवार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बातचीत के दौरान, हमने पंजाब और फिनलैंड के बीच आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को तलाशने पर विस्तार से चर्चा की थी।
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