मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा कर रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा बयान

मध्य प्रदेश राज्य

प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूर्ण कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पीएम स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश का देश में शीर्ष स्थान
इंदौर, भोपाल और जबलपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर अर्जित की विशिष्ट उपलब्धि

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में मध्यप्रदेश की गौरवशाली उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के पथ-विक्रेता स्ट्रीट वेण्डर आज आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन में देशभर में अग्रणी रहते हुए एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो अंत्योदय और समावेशी विकास के प्रति हमारी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है।

इंदौर, भोपाल और जबलपुर की ऐतिहासिक सफलता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों द्वारा राष्ट्रीय रैंकिंग में अर्जित किए गए उत्कृष्ट स्थान की सराहना करते हुए बताया कि इंदौर नगर निगम ने नवीन पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 33,332 ऋण प्रकरणों के वितरण के साथ देश के समस्त नगरीय निकायों में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। देश में 10 लाख से 40 लाख की जनसंख्या वाली श्रेणी में भोपाल ने देशभर में द्वितीय और जबलपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विकास के मानकों में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रतिबिंब है।

पथ-विक्रेताओं के जीवन में आ रहा गुणात्मक परिवर्तन

योजना के विस्तार पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अब तक 9.92 लाख से अधिक पथ-विक्रेताओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। 15.69 लाख ऋण प्रकरणों के माध्यम से 2632 करोड़ रुपये की ऋण राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाई गई है। योजना के पुनर्गठित स्वरूप में अब 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपये की क्रमिक ऋण सहायता के साथ-साथ 30,000 रुपये की सीमा वाला यूपीआई-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताएं सुगमता से पूर्ण हो रही हैं।

डिजिटल क्रांति और छोटे निकायों का उत्कर्ष

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल साक्षरता की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के 7 लाख से अधिक पथ-विक्रेता डिजिटल लेन-देन अपना चुके हैं, जिन्हें 47 करोड़ रुपये से अधिक का कैशबैक प्राप्त हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 1 लाख से कम आबादी वाले निकायों में सारणी नगर पालिका ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि संकल्प शक्ति हो तो छोटे निकाय भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। इसी श्रेणी में बालाघाट (5वें), टीकमगढ़ (7वें)और हरदा (9वें)के प्रदर्शन को भी उन्होंने अनुकरणीय बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च, 2030 तक विस्तारित यह योजना आगामी समय में मध्यप्रदेश के नगरीय अर्थतंत्र को नई गति प्रदान करेगी और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

 

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