जालंधर
जिले की मंडियों में गेहूं की आवक ने अब रफ्तार पकड़ ली है। पंजाब सरकार के एक-एक दाना खरीदने के वादे के बीच जिला प्रशासन ने दावा किया है कि अब तक 3,31,419 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया का जायजा लेते हुए बताया कि किसानों को फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी भी कर दी गई है। हालांकि, कागजों में खरीद की रफ्तार जितनी तेज है, मंडियों में लिफ्टिंग की सुस्त चाल ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस सीजन में जिले में कुल 5 लाख 27 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक करीब 60 फीसदी से ज्यादा आवक हो चुकी है। डीसी ने खरीद एजेंसियों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि खरीदी गई फसल का स्टॉक मंडियों से तुरंत उठाया जाए। असल में, अगर समय पर लिफ्टिंग नहीं हुई तो आने वाले दिनों में फसल रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी, जिससे जाम जैसी स्थिति बन सकती है।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लिफ्टिंग में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का सबसे बड़ा दावा किसानों को समय पर पेमेंट देने का है। डीसी वालिया के अनुसार, अब तक खरीदी गई फसल के बदले 882 करोड़ रुपए की अदायगी सुनिश्चित की गई है।
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