राजस्थान हाईकोर्ट में शनिवार सुनवाई पर बवाल, वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार

राज्य

जयपुर

राजस्थान हाईकोर्ट में शनिवार (25 अप्रैल) को कार्य दिवस बनाए जाने पर एक बार फिर से विवाद रहा. हाईकोर्ट में आज महीने के चौथे शनिवार को कार्य दिवस घोषित किया गया है. हालांकि, हर शनिवार की तरह आज भी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया. दरअसल, हाईकोर्ट में महीने के पहले और चौथे शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया गया है. अधिवक्ता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. आज सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी जयपुर में है. इस दौरान जयपुर में 39 न्यायाधीश एक साथ हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए मौजूद रहे. आज विशेष रूप से 12 न्यायाधीशों की चार लार्जर बेंच का गठन भी किया गया है.

पिछले साल लिया गया था फैसला
हालांकि आज कोर्ट में न्यायाधीश तो उपस्थित रहे, लेकिन अधिवक्ता नदारद रहे. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने इस पर चिंता भी जताई. बता दें कि पिछले साल 12 दिसंबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जनवरी से हाईकोर्ट हर महीने के दो शनिवार खुला रहेगा. इससे वर्षभर में 24 दिन अतिरिक्त काम हो सकेगा और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.

लगातार बढ़ रहा है केस का दवाब
फुल कोर्ट बैठक में यह माना गया कि अदालतों में लगातार बढ़ते मामलों के दबाव को देखते हुए न्यायिक समय का विस्तार आवश्यक हो गया है. महीने के दो शनिवार को हाईकोर्ट के खुलने से न केवल लंबित मामलों की संख्या कम होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी, तेज और समयबद्ध बनेगी.

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