Sports Update: Gurbux Singh का निधन, 1968 में भारत को दिलाया था ओलंपिक पदक

राज्य

मोहाली.

भारतीय हॉकी के दिग्गज और 1968 मेक्सिको ओलंपिक के खिलाड़ी रहे गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे और दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने जीरकपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

गुरबख्श सिंह ग्रेवाल भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे, जिसने 1968 के मेक्सिको सिटी ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। वह अपने समय के बेहतरीन खिलाड़ियों में गिने जाते थे और उनकी खेल प्रतिभा ने भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी एक और खास उपलब्धि यह रही कि उन्होंने अपने सगे भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ एक ही ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह भारतीय हॉकी इतिहास में एक दुर्लभ और गौरवपूर्ण कीर्तिमान माना जाता है।

खेल करियर के बाद भी उन्होंने हॉकी से जुड़ाव बनाए रखा। वह पश्चिम रेलवे में वरिष्ठ खेल अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे और मुंबई हॉकी एसोसिएशन के मानद सचिव के रूप में भी सेवाएं दीं। खिलाड़ी के साथ-साथ एक कुशल प्रशासक के रूप में भी उन्होंने खेल के विकास में अहम योगदान दिया। सुरजीत हॉकी सोसाइटी के पदाधिकारी इकबाल सिंह संधू सहित कई खेल संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

जीरकपुर में हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी विदाई
गुरबख्श सिंह ग्रेवाल का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह जिरकपुर के श्मशान घाट में पूरे सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान खेल जगत से जुड़े कई लोगों, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।

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