होर्मुज संकट और कूटनीतिक खींचतान के बीच तेल आपूर्ति पर वैश्विक चिंता बढ़ी

दुनिया

नई दिल्ली

अमेरिका के साथ वार्ता की उम्मीदों पर पानी फिरने के बाद ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से रवाना हो गए थे। हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक ईरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान का दौरा करेंगे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की खबर। खबर में कहा गया है कि अराघची ओमान और रूस की यात्रा के बाद पाकिस्तान लौटेंगे। खबर के अनुसार वह संभवत: रविवार को इस्लामाबाद लौटकर उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे जो युद्ध खत्म करने से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श के लिए तेहरान गया था। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब वह अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेंगे। वह फोन पर ईरान से वार्ता करने को तैयार हैं।

ईरानी राष्ट्रपति से शहबाज शरीफ ने की बात
पाकिस्तान पहुंचने के बाद ईरानी विदेश मंत्री पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से मिले थे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियां से फोन पर बात की है। शनिवार को उन्होंने फोन किया और कहा कि वह क्षेत्र में शांति के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। दोनों के बीच करीब 50 मिनट तक वार्ता चली।

ट्रंप बोले- खारिज कर दिया ईरान का प्रस्ताव
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने शनिवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन आने के लिए एयर फोर्स वन विमान में सवार होने से पहले कहा, "उन्होंने हमें एक प्रस्ताव भेजा, जो बेहतर हो सकता था। दिलचस्प बात यह है कि जब मैंने इसे खारिज कर दिया तो 10 मिनट के अंदर हमें दूसरा प्रस्ताव मिला, जो काफी बेहतर है।'

क्यों रद्द कर दी वार्ता?
राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि ताजा प्रस्ताव में क्या है। उन्होंने बस यही कहा कि ईरान ने काफी पेशकश की हैं। ट्रंप ने हालांकि कहा कि उनकी एक शर्त यह है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ नए दौर की वार्ता इसलिए रद्द कर दी क्योंकि इसके लिए बहुत सफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उनके वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की मुलाकात "देश के नेता से नहीं होने वाली थी।'

खुली है फोनलाइन
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका टेलीफोन के जरिये समझौता करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "वे (ईरान) जब चाहें, हमें कॉल कर सकते हैं।" डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि सब कुछ उनके नियंत्रण में है। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने ईरान के लिए नाकेबंदी कर दी। जब उसने नाकेबंदी नहीं हटाई तो ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज को बंद कर दिया है जिससे पूरी दुनिया में तेल का संकट गहरा गया है।

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