अमृतसर के Dry Fruit, किराना और इलेक्ट्रिकल दुकानदारों को हरियाणा सरकार का आकर्षक ऑफर

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 एकतरफ जहां अमृतसर की ड्राईफ्रूट व करियाना होल सेल मंडी (मजीठ मंडी व ढाब बस्ती राम) में कारोबारी सरकार की गलत नीतियों के कारण पलायन कर रहे हैं तो वहीं भाजपा शासित हरियाणा सरकार की तरफ से अमृतसर व दिल्ली के ड्राईफ्रूट-करियाना एवं इलैक्ट्रिकल दुकानदारों को 250 से ज्यादा दुकानों की अलाटमैंट की जा रही है, जिसमें व्यापारियों को हर प्रकार की सुविधा मिलेगी।

जानकारी के अनुसार भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ पंजाब के उप-प्रधान एवं द फैडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राइफ्रूट कमर्शियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मेहरा की तरफ से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मुलाकात की गई और व्यापारियो को दरपेश आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमृतसर के ड्राईफ्रूट व करियाना कारोबारियों को हरियाणा में दुकानें अलॉट करने का ऐलान किया। बकायदा एच.एच.आई.आई.डी.सी. (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्टक्चर डिवैल्पमैंट कार्पोरेशन) की तरफ से अप्रूवल भी जारी किया गया है।

300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर मिलेगा इंफ्रास्टक्चर
हरियाणा सरकार की तरफ से 300 एकड़ से ज्यादा भूमि पर कारोबारियों के लिए इंफ्रास्टक्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसमें व्यापारियों की दुकानों के अलावा, लेबर के रहने के लिए क्वार्टर, खाना खाने के लिए हाल, सिक्योरिटी गार्डर्स व हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

ड्राईफ्रूट मंडी मजीठ मंडी की बात करें तो आई.सी.पी. अटारी बार्डर के जरिए अफगानिस्तान से भारी मात्रा में अमृतसर व उत्तर भारत के कारोबार ड्राईफ्रूट का आयात करते रहे हैं, लेकिन पहले पुलवामा हमले व फिर पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के साथ कारोबारी रिश्ते बिल्कुल खत्म हो चुके हैं और पाकिस्तान के रास्ते आई.सी.पी. अटारी पर आने वाले ड्राईफ्रूट के ट्रकों को भी पाकिस्तान रास्ता नहीं देता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुक्सान हो रहा है और दुबई के रास्ते ड्राईफ्रूट आयात किया जा रहा है, जिससे खर्च बहुत ज्यादा आता है और इसका असर ग्राहक पर भी पड़ता है, क्योंकि जितना ज्यादा खर्च आएगा उतनी ज्यादा कीमत पर ग्राहकों को ड्राईफ्रूट बेचा जाएगा।

वॉल्ड सिटी के अन्दर होने के कारण मजीठ मंडी में रास्ते तंग
ढाब बस्ती राम व ड्राईफ्रूट की मजीठ मंडी की बात करें तो इस ऐतिहासिक मंडियों को वॉल्ड सिटी के अन्दर बसाया गया था और जैसे-जैसे आबादी बढ़ती गई, वैसे-वैसे वाल्ड सिटी के अन्दर बसी इन मंडियों में आना-जाना आसान नहीं रहा और लेबर को मंडी में जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह व्यापारियों पर निर्भर करता है कि वह अमृतसर में ही काम करना चाहते हैं या फिर हरियाणा में दुकानें खरीदकर काम करना चाहते हैं, लेकिन इसका नाकारात्मक पक्ष यह भी जरुरी है कि यदि व्यापारियों को दूसरे राज्य में पलायन होता है तो शहर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि पहले ही सरकार की गलत नीतियों के कारण अमृतसर की इंडस्ट्री हिमाचल व अन्य राज्यों में पलायन कर चुकी हैं।

मोदी सरकार व्यापारी हितैशी : अनिल मेहरा
अनिल मेहरा ने कहा कि मोदी सरकार व्यापारी हितैषी है और व्यापारियों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। केन्द्र सरकार सबका साथ और सबका विकास के लक्षय पर काम कर रही है।

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