स्कूलों में लापरवाही उजागर, मिड-डे-मील की पिन्नी निकली खराब; बच्चों की सेहत पर खतरा

राज्य

हिसार.

नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन मिड डे मील के तहत स्कूलों में दिए जाने वाले खाद्य सामग्री के खराब हालात आज भी ज्यों-की-त्यों हैं। ताजा मामला गांव बुगाना स्थित राजकीय हाई स्कूल, गांव खेड़ी बरखी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य सरकारी स्कूलों का है, जहां नए सत्र के प्रथम माह में ही मिड-डे-मील के तहत फफूंदी युक्त पिन्नी पहुंचाई जा रही है।

जिले के पहली से आठवीं कक्षा के कुल सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 61,065 बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लग गया है। जिला के मौलिक शिक्षा अधिकारी रामरतन ने कहा कि संबंधित बीईओ से मामले की जानकारी ली जाएगी। अगर फफूंदी युक्त पीनी स्कूलों में आ रही है तो मुख्यालय को मामले से अवगत कराया जाएगा। किसी भी हाल में बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा।

पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों का आंकड़ा
कक्षा     विद्यार्थियों की संख्या

पहली     5,296
दूसरी     6,346
तीसरी     6,182
चौथी     5,943
पांचवीं     8,772
छठी     7,123
सातवीं     10,453
आठवीं     10,950
कुल     61,065

कंपनियों से टेंडर नहीं किए रद
बीते सत्र में हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन लिमिटेड व हरहित स्टोर के खिलाफ खराब गुड़ वितरित करने और स्कूलों में जरूरत से ज्यादा खाद्य सामग्री बांटने की घटनाएं सामने आई। लेकिन निदेशालय ने बिना परवाह किए हरहित स्टोर से सामान लेने के आदेश जारी रखें। न कोई कार्रवाई हुई और न ही बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए टेंडर रद किए। खास बात है कि बीते शैक्षणिक सत्र में उपरोक्त को लोकल मार्केट से गुड़ खरीदने की छूट दी। जबकि शेष सामग्री हरियाणा एग्रो इंडस्ट्री कारपोरेशन लिमिटेड व हरहित स्टोर से लेने के लिए ही आदेश दिए गए। लेकिन दोनों कंपनियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। जिसका परिणाम इस बार भी स्कूलों में देखने को मिल रहा है।

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