क्लेम रोकना पड़ा भारी: समय पर सूचना न देने का बहाना नहीं माना, 80 हजार का हर्जाना तय

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल

स्वास्थ्य बीमा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में जिला उपभोक्ता आयोग में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इलाज में खर्च राशि ब्याज सहित देने के आदेश जारी किए हैं। यह मामला इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि संबंधित बीमा एक सामाजिक संस्था के माध्यम से देशभर के जैन समुदाय के लिए सामूहिक रूप से कराया गया था। जब उपभोक्ता के पिता को इलाज के बाद क्लेम राशि नहीं मिली, तो उसने बीमा कंपनी के साथ-साथ संस्था के खिलाफ भी याचिका दायर किया।
ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस योजना और इलाज का खर्च

दरअसल, भोपाल के पटेल नगर निवासी सौरभ जैन ने जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-2 में मुंबई स्थित बीमा कंपनी और जैन इंटरनेशनल संस्था के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सौरभ के अनुसार, संस्था द्वारा जैन समाज के सदस्यों के लिए ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस योजना चलाई जा रही थी। उन्होंने “खुशहाल परिवार योजना” के तहत वर्ष 2018-19 से 2023-24 तक नियमित प्रीमियम जमा करते हुए परिवार के चार सदस्यों के लिए 10 लाख रुपये का बीमा लिया था।

 

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