कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या के बाद नौरादेही के जंगल में तैयार 8 बाड़े, जल्द शिफ्ट होंगे चीते

फर्श से अर्श तक

श्योपुर 
श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से चीतों को अब नौरादेही अभयारण्य में भी बसाने की तैयारी है। फिलहाल वहां बाड़ा निर्माण चल रहा है। दो माह में काम पूरा होने की संभावना है। यही वजह है कि जुलाई में चार चीते शिफ्ट किए जा सकते हैं। दूसरी ओर प्रदेश में चीतों का दूसरा घर गांधीसागर अभयारण्य (मंदसौर) में भी दो और चीते भेजने का प्लान है। शिफ्टिंग जून में संभव है। गांधीसागर में शिफ्ट चीतों को सड़क मार्ग से ले जाया गया था।

बोत्सवाना और भारतीय चीतों में से जाएंगे
कूनो में कुल 54 चीते हैं। इनमें 37 भारतीय हैं। बताया जा रहा है कि जिन चीतों को शिफ्ट किया जाना है, उनमें बोत्सवाना के नौ में से 4 और 2 भारतीय चीते होंगे। इनमें आशा के दोनों शावक केएपी-2 और केएपी-3 हो सकते हैं। ये वर्तमान में राजस्थान की सीमा में घूम रहे हैं।

440 हेक्टेयर में आठ बाड़े तैयार
सागर जिले के नौरादेही अभयारण्य (वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व) में चीतों के लिए मुहली, सिंगपुर और झापन रेंज के लगभग 440 हेक्टेयर में आठ विशेष बाड़े बनाए जा रहे हैं। 8-10 फीट ऊंची फेंसिंग की जा रही है, जिसमें सोलर इलेिट्रक फेंसिंग का उपयोग किया जा रहा है। चीतों को पहले चार अलग-अलग छोटे बाड़ों में क्वारंटीन रखा जाएगा, उसके बाद जंगल में छोड़ा जाएगा।

गांधीसागर में 64 वर्ग किमी का बाड़ा
गांधीसागर अभयारण्य में 64 वर्ग किमी (लगभग 6400 हेक्टेयर) का बाड़ा है। तीन चीते 2025 में शिफ्ट किए गए थे।

कब जाएंगे कितने जाएंगे यह तय होना बाकी

कितने चीते कब जाएंगे ये तय होना बाकी है। नौरादेही में बाड़ा निर्माण चल रहा है।

-उत्तम कुमार शर्मा, डायरेक्टर, चीता प्रोजेक्ट, कूनो नेशनल पार्क

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