मिड-डे मील विवाद: नागौर स्कूल में बच्चों से काम कराने का मामला सामने आया, प्रशासन हरकत में

राज्य

 नागौर

 राजस्थान के नागौर जिले के एक सरकारी स्कूल से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां छोटे बच्चों से मिड-डे मील के बर्तन उठवाने और धुलवाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने संज्ञान लिया है और संबंधित स्कूल के खिलाफ आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।

यह घटना रियांबी उपखंड के दासावास गांव में स्थित सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में हुई। मिड-डे मील के ब्रेक के दौरान आराम करने या खाना खाने के बजाय, कई बच्चों को भारी स्टील के बर्तन उठाते और एक जगह से दूसरी जगह ले जाते देखा गया। इस फुटेज ने स्कूल में निगरानी और छात्रों के कल्याण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कमरे में सोते दिखें शिक्षक
चिंता की बात यह भी है कि उसी समय चार शिक्षक एक कमरे में सोते हुए पाए गए। स्कूल में कुल आठ शिक्षक हैं, जिनमें से घटना वाले दिन सात शिक्षक मौजूद थे। इसके बावजूद, बर्तनों को संभालने की जिम्मेदारी छात्रों पर ही आती दिखी।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और वीडियो से यह भी पता चलता है कि प्रधानाध्यापक सोहनलाल फडोदा वहां मौजूद थे और अपनी कुर्सी पर बैठे थे, जबकि बच्चे काम कर रहे थे। उन्होंने न तो कोई दखल दिया और न ही कर्मचारियों को बच्चों को रोकने का कोई निर्देश दिया। कुछ बच्चों ने दावा किया कि यह कोई एक बार हुई घटना नहीं है, बल्कि यह उनके रोजाना के काम का ही एक हिस्सा है।

मामले की जांच शुरू
वीडियो वायरल होने के बाद, स्थानीय अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लिया है। घटना की जांच करने और दोषियों की पहचान करने के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है। SDM सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि हमें एक शिकायत मिली है और पूरे मामले की जांच की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी रामलाल कराड़ी ने बताया कि यह मामला मीडिया रिपोर्टों के जरिए सामने आया है और उन्होंने आश्वासन दिया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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