चंडीगढ़
यूटी प्रशासन में क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने अंतरिम रोक लगा दी है।
भर्ती को लेकर शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान के लिए तय किए गए नियमों को कैट में चुनौती दी गई थी। कैट ने पहली नजर में केस को स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
अब मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी और तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में याचिकाकर्ता ने 30 जनवरी 2026 की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा कि इसमें तय की गई शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। याचिका में यह भी मांग की गई कि 31 मार्च और चार अप्रैल 2026 को जारी सार्वजनिक नोटिस को रद किया जाए, जिनके जरिए 234 क्लर्क और 23 स्टेनो टाइपिस्ट पदों के लिए आवेदन मांगे गए।
याचिकाकर्ता का तर्क था कि 2022 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी नियमों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की सेवा शर्तें केंद्र सरकार के समान होनी चाहिए। इसके बावजूद नई भर्ती में क्लर्क और स्टेनो पदों के लिए अलग नियम अपनाए गए हैं।
वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि संविधान के अनुच्छेद 309 और पूर्व अधिसूचनाओं के तहत प्रशासन को भर्ती नियम बनाने का अधिकार है और 2026 के नियम उसी के तहत बनाए गए हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने पाया कि प्रथम दृष्टा भर्ती नियम केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं और आवश्यक स्वीकृति भी नहीं ली गई है। ट्रिब्यूनल ने अंतरिम राहत देते हुए 31 मार्च और चार अप्रैल के नोटिस के तहत जारी भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
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