गर्मी के प्रकोप के बीच स्कूल और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लू और हीटस्ट्रोक से बचाव के कड़े निर्देश

राज्य

जयपुर

राजस्थान में आसमान से बरसती आग और झुलसा देने वाली लू के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश का शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी एक विशेष आदेश ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली को बदल दिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जब तक पारा नीचे नहीं आता, तब तक स्कूलों को नई गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना होगा।

अब भारी यूनिफॉर्म से आजादी
इस नए आदेश के तहत सबसे बड़ी राहत बच्चों को उनके पहनावे में दी गई है। अब भीषण गर्मी में छात्रों को भारी-भरकम और गहरे रंग की स्कूल यूनिफॉर्म पहनने की मजबूरी नहीं होगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनकर आने की अनुमति दें, ताकि गर्मी के कारण होने वाली घबराहट और हीटस्ट्रोक से बचा जा सके।

आउटडोर गतिविधियों पर 'नो एंट्री'
सूरज के तीखे तेवरों को देखते हुए स्कूलों में होने वाली तमाम आउटडोर एक्टिविटीज, खेलकूद और धूप में होने वाले कार्यक्रमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। अब मैदानों में पीटीआई क्लास या खेल प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं की जाएंगी।

क्लासरूम में होगी प्रार्थना सभा और पानी की सख्ती
स्कूलों में हर सुबह होने वाली प्रार्थना सभा के स्वरूप में भी बदलाव किया गया है। अब असेंबली का समय कम कर दिया गया है और स्कूलों को हिदायत दी गई है कि प्रार्थना या तो किसी छायादार स्थान पर कराएं या फिर सीधे क्लासरूम के भीतर ही आयोजित की जाए। विभाग ने पेयजल व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि छुट्टी के समय घर जाते वक्त बच्चों के पास ठंडे पानी की पर्याप्त उपलब्धता रहे।

जल्दी छुट्टियों पर लगा विराम
अभिभावकों और शिक्षकों के बीच जल्दी गर्मियों की छुट्टियों को लेकर जो उम्मीदें थीं, उन पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने फिलहाल विराम लगा दिया है। मंत्री दिलावर ने स्पष्ट किया है कि स्कूल अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही चलेंगे। उन्होंने इसके पीछे शैक्षणिक लक्ष्यों का तर्क देते हुए कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि छुट्टियों से पहले 20% सिलेबस पूरा कर बच्चों का टेस्ट लिया जाए, ताकि वे अवकाश के दौरान उसका रिवीजन कर सकें।' प्रदेश में स्कूल की छुट्टियां 16 मई से 21 जून तक ही रहेंगी, जबकि कॉलेजों में 1 मई से ही अवकाश शुरू हो चुका है।

स्वास्थ्य विभाग भी 'हाई अलर्ट' पर
गर्मी के इस संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग भी मैदान में उतर गया है। गुरुवार से शनिवार तक प्रदेश के सभी जिलों में विशेष स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं, जो अस्पतालों में लू से निपटने की तैयारियों और दवाओं के स्टॉक का निरीक्षण करेंगी। साथ ही, फूड सेफ्टी अधिकारी सार्वजनिक स्थानों और हॉस्टलों में खाने-पीने की गुणवत्ता की जांच करेंगे ताकि भीषण गर्मी में संक्रमण को रोका जा सके।

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