ग्रामीण जल व्यवस्था में बड़ा बदलाव, पंचायतों को मिलेगा दोगुना फंड का फायदा

राज्य

फतेहाबाद

 ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले की 233 ग्राम पंचायतों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति-2026 के तहत अब पंचायतें खुद पानी के बिल की वसूली, जल आपूर्ति प्रबंधन और रख-रखाव का काम संभालेंगी।

खास बात यह है कि पंचायत जितना राजस्व बिल के रूप में एकत्रित करेगी, सरकार भी उतनी ही अतिरिक्त राशि पंचायत के खाते में देगी। इससे पंचायतों को जल सुविधाओं के सुधार और विस्तार के लिए पर्याप्त संसाधन मिलेंगे। जिले में 258 पंचायतें है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन पंचायतों को भी शामिल किया जाएगा।

इस योजना के तहत चयनित पंचायतों के बैंक खाते खोले जा रहे हैं, जिन्हें मुख्यालय स्तर के सिंगल खाते से जोड़ा जाएगा। पंचायतों द्वारा एकत्रित राजस्व पहले मुख्य खाते में जमा होगा, जिसके बाद सरकार उसी राशि को जोड़कर दोगुनी रकम पंचायत को वापस देगी। इस राशि का उपयोग जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किया जाएगा।
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पंचायतों को मिली व्यापक जिम्मेदारी
नई नीति के तहत पंचायतें अब पानी के कनेक्शन जारी करने, बिल वसूली, शिकायत निवारण, मीटरिंग और जल गुणवत्ता की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके अलावा पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंप और अन्य संसाधनों की मरम्मत व रख-रखाव भी पंचायतों के जिम्मे होगा। अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई और जल हानि को कम करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

पानी के बिलों की वसूली में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को जोड़ा गया है। उपभोक्ताओं से प्राप्त जल शुल्क का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में इन समूहों को दिया जाएगा। इससे न केवल वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी मजबूत होगी।

पंचायतें बिस्वास पोर्टल के माध्यम से नए कनेक्शन जारी करने, कनेक्शन काटने, मीटर लगाने और शिकायतों का आनलाइन समाधान कर सकेंगी। इसके साथ ही बिल वितरण, भुगतान की निगरानी और उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए सूचना देने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी गई है। इससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी।

योजना के तहत प्रत्येक उपभोक्ता को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जल गुणवत्ता की नियमित जांच फील्ड टेस्ट किट से की जाएगी और वितरण के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करेगा। विभाग द्वारा जल आपूर्ति योजनाओं को अपग्रेड कर 24 घंटे जल उपलब्धता के लक्ष्य को भी हासिल करने का प्रयास किया जाएगा।

इस व्यवस्था से ग्रामीण जल आपूर्ति अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। साथ ही पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए जल प्रबंधन में स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में जिले की सभी पंचायतों को इस योजना के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।

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