फिरोजपुर
फिरोजपुर में जनगणना 2027 के तहत शुरू की गई स्वैच्छिक ऑनलाइन जानकारी भरने की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल न किए जाने पर पिछड़े वर्गों में रोष बढ़ गया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरभेज सिंह टिब्बी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह पिछड़े वर्गों के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सामाजिक न्याय और समानता की बात करती है, तो जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ओबीसी वर्ग की अनदेखी समझ से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति आधारित जनगणना समय की मांग है और इससे ही समाज के सभी वर्गों की वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सकेगा।
कॉलम न होना चिंता का विषय
टिब्बी ने बताया कि जनगणना 2027 के तहत नागरिकों को सुविधा देने के लिए स्वयं जानकारी भरने की व्यवस्था शुरू की गई है, जो 14 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, लेकिन इसमें ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम न होना चिंता का विषय है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि तुरंत इस त्रुटि को सुधारते हुए ऑनलाइन फार्म में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ा जाए, ताकि पिछड़े वर्गों की सही गणना सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि बिना सटीक आंकड़ों के नीतियां बनाना संभव नहीं है और इससे सामाजिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है।
तत्काल ध्यान देने की जरूरत
इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद राज्य में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से जुड़े प्रावधान सही तरीके से लागू नहीं हो रहे हैं। यह स्थिति भी चिंता का विषय है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
टिब्बी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो ओबीसी समुदाय को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक वर्ग का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा बड़ा मुद्दा है, जिस पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए।
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