काशी में विकास और आस्था का संगम, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा बूस्ट

उत्तर प्रदेश राज्य

 लखनऊ

 उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का असर धरातल पर दिखने लगा है। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अकेले मार्च के महीने में लगभग 65 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। यह आंकड़ा न केवल उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की नई ऊंचाई को दर्शाता है, बल्कि योगी सरकार द्वारा सुधारी गई सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था पर मुहर भी लगाता है।

संकरी गलियों से भव्य कॉरिडोर तक का सफर
कभी तंग गलियों और भारी भीड़ के बीच घंटों इंतजार के लिए जानी जाने वाली काशी आज अपने नए और दिव्य स्वरूप 'काशी विश्वनाथ धाम' के कारण दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। योगी सरकार ने कॉरिडोर के माध्यम से मंदिर का गंगा से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित किया है, जिससे श्रद्धालुओं को अब एक ही परिसर में आध्यात्म और सुकून का अनुभव होता है।

व्यवस्थाओं में आए प्रमुख बदलाव
    स्मार्ट कतार प्रबंधन: डिजिटल निगरानी और सुव्यवस्थित क्यू (Queue) सिस्टम के कारण अब लाखों की भीड़ होने पर भी दर्शन सहजता से हो रहे हैं।

    बुनियादी सुविधाएं: परिसर में आधुनिक पेयजल केंद्र, स्वच्छ शौचालय, विश्रामालय और बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

    गंगा क्रूज और कनेक्टिविटी: घाटों का सौंदर्यीकरण और गंगा में क्रूज संचालन ने पर्यटकों के लिए काशी दर्शन को और भी रोमांचक बना दिया है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला 'बूस्टर डोज'
श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड संख्या ने वाराणसी की स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। होटलों की बुकिंग से लेकर हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी उद्योग और नाविकों तक, हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से काशी आज आस्था और आधुनिकता का वैश्विक केंद्र बन गई है। रोप-वे परियोजना और स्मार्ट सिटी के कार्यों ने काशी की भव्यता में चार चांद लगा दिए हैं।
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सुरक्षा और स्वच्छता का नया मानक
योगी सरकार ने मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा किया है, जिससे विदेशी पर्यटक भी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही, 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत घाटों और मंदिर परिसर की नियमित सफाई ने काशी की वैश्विक छवि को निखारा है।

 

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