फरीदकोट में एक्शन मोड: पराली जलाने से रोकने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए गए खास निर्देश

राज्य

फरीदकोट.

डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर ने फरीदकोट जिले में गेहूं की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासनिक अधिकारियों जैसे विभिन्न विभागों के साथ मीटिंग की। इस मौके पर एस.एस.पी., फरीदकोट डॉ. प्रज्ञा जैन खास तौर पर मौजूद थीं।

मीटिंग में मौजूद अधिकारियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने अधीन क्लस्टर और नोडल अधिकारियों के साथ मीटिंग करें और उन्हें गांवों में जाकर किसानों को गेहूं की पराली न जलाने के बारे में जागरूक करने के लिए मजबूर करें। उन्होंने कहा कि इस काम के लिए आने वाले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने एग्रीकल्चर डिपार्टमैंट के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे किसान ट्रेनिंग कैंप, नुक्कड़ मीटिंग, प्रचार वैन, सोशल मीडिया वगैरह के जरिए किसानों को खेतों में गेहूं के डंठल उगाने के लिए मोटिवेट करें।

डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं के डंठलों में आग न लगाकर माहौल बचाने में अपना योगदान दें। इस मौके पर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर संदीप मल्होत्रा, पुनीत शर्मा सब डिविजनल मैजिस्ट्रेट फरीदकोट, कुलवंत सिंह चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर फरीदकोट, गुरप्रीत सिंह एग्रीकल्चर ऑफिसर फरीदकोट, लखवीर सिंह एग्रीकल्चर डिवैल्पमैंट ऑफिसर फरीदकोट, रवि दीप सिंगला एनवायरनमैंटल इंजीनियर फरीदकोट, शुभकरमन सिंह असिस्टैंट एनवायरनमैंटल इंजीनियर पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड फरीदकोट मौजूद थे।

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