राजस्थान जेजेएम घोटाला: फर्जी टेंडर केस में जांच तेज, कई बड़े नाम घेरे में

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जेजेएम घोटाले से जुड़े मामले में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया. 960 करोड़ रुपए से जुड़े मामले में एसीबी ने कार्रवाई की है. इससे पहले एसीबी रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुकी है. अब मामले में ये बड़ी कार्रवाई की गई है.  

15 ठिकानों पर पड़े थे छापे
इसी मामले में ईडी ने 2025 में पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी. 17 फरवरी को एसीबी ने करीब 15 ठिकानों पर छापेमारी कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया था.

960 करोड़ के घोटाले का आरोप
जेजेएम योजना के तहत आरोप है कि फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल ने फर्जी दस्तावेज से टेंडर हासिल किए थे. इन दोनों फर्मों के प्रोपराइटर महेश मित्तल और पदमचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी के फर्जी प्रमाण-पत्र लगाकर करीब 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए थे. आरोप है कि इन सभी में पूर्व मंत्री महेश जोशी भी शामिल थे.  

किरोड़ी लाल मीणा ने दिया था धरना
दरअसल पूरा मामला 20 जून 2023 से शुरू हुआ. जब डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राजधानी जयपुर के अशोक नगर थाने के बाहर इस मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर दो दिन तक धरना दिया. मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा. कई अन्य नेता भी अशोक नगर थाने पहुंचे. जमकर राजनीतिक बयानबाजी हुई. 2023 के विधानसभा चुनाव के वक्त भी यह मामला सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना. 

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